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Mandi News: पहाड़ी से भूस्खलन के खतरे पर अलर्ट करेगा अपडेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम
Sun, 05 May 2024 11:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 05 May 2024 11:58 AM IST
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मंडी के विश्वकर्मा मंदिर के समीप दरकी पहाड़ी में लगाया गया आईआईटी मंडी का अपडेटिड अर्ली वार्नि
मंडी। जिला मुख्यालय मंडी के विश्वकर्मा चौक के पास दरक रही पहाड़ी की निगरानी के लिए आईआईटी मंडी और आईआईटी मद्रास के सहयोग से स्टार्टअप कंपनी का लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का अपडेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किया गया है। यह सिस्टम बरसात के समय पहाड़ी दरकने के खतरे को ध्यान में रखते हुए स्थापित किया गया है, ताकि जानमाल का कोई भी नुकसान न हो।
पहले भी जिला और अन्य स्थानों पर इस सिस्टम को लगाया गया है, जिसके अच्छे परिणाम आए हैं। अब इसे अपडेट किया गया हैै। पहले 2जी तकनीक पर था और अब यह 4जी हो गया है। वहीं, पहाड़ी में अगर कोई भी हलचल होती है तो यह तुरंत पुलिस और संबंधित अधिकारियों को संदेश देगा। इसमें एसपी, डीसी, डीएसपी सहित कई अधिकारियों को अलर्ट मैसेज भेजेगा।
पहाड़ी में कोई भी हलचल होते पर सिस्टम में हूटर बजने के साथ ही लाल बत्ती जलेगी, जो खतरे का संकेत हैं। खतरे का पता चलने बाद सतर्कता से अप्रिय घटना होने पर नुकसान को कम किया जा सकेगा। इस सिस्टम को कनाडा स्थित हिमाचलियों की एक संस्था ने हिमाचल प्रवास योजना के तहत जिला मंडी को दिया है। उन्होंने हिमाचल के मंडी और कुल्लू में हुई आपदा को देखने के बाद यह स्पॉन्सर किया है। वहीं, हाल ही की बरसात में इस पहाड़ी से हुए भूस्खलन के बाद इस स्थान को सिस्टम लगाने के लिए रणनीतिक रूप से चुना गया था। अब यह सिस्टम मंडी जिले में आपदा तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने के चल रहे प्रयासों में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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भूस्खनल से पूर्व देगा चेतावनी
सिस्टम को स्टार्टअप के तहत बनाने वाली कंपनी के सीनियर बिजनेस प्रबंधक चंदन वैद्य ने बताया कि विश्वकर्मा चौक पर एलएमएस यंत्र को स्थापित किया है। यह यंत्र भूस्खलन से पूर्व लोगों को चेतावनी देगा। यदि यह यंत्र भूस्खलन होने की स्थिति को भांपता है तो लाल बत्ती जलाकर लोगों को आगाह करेगा। लाल बत्ती खतरे को इंगित करती है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व कई स्थानों में इस यंत्र का ट्रायल सफल रहा है।
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पहले भी जिला और अन्य स्थानों पर इस सिस्टम को लगाया गया है, जिसके अच्छे परिणाम आए हैं। अब इसे अपडेट किया गया हैै। पहले 2जी तकनीक पर था और अब यह 4जी हो गया है। वहीं, पहाड़ी में अगर कोई भी हलचल होती है तो यह तुरंत पुलिस और संबंधित अधिकारियों को संदेश देगा। इसमें एसपी, डीसी, डीएसपी सहित कई अधिकारियों को अलर्ट मैसेज भेजेगा।
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पहाड़ी में कोई भी हलचल होते पर सिस्टम में हूटर बजने के साथ ही लाल बत्ती जलेगी, जो खतरे का संकेत हैं। खतरे का पता चलने बाद सतर्कता से अप्रिय घटना होने पर नुकसान को कम किया जा सकेगा। इस सिस्टम को कनाडा स्थित हिमाचलियों की एक संस्था ने हिमाचल प्रवास योजना के तहत जिला मंडी को दिया है। उन्होंने हिमाचल के मंडी और कुल्लू में हुई आपदा को देखने के बाद यह स्पॉन्सर किया है। वहीं, हाल ही की बरसात में इस पहाड़ी से हुए भूस्खलन के बाद इस स्थान को सिस्टम लगाने के लिए रणनीतिक रूप से चुना गया था। अब यह सिस्टम मंडी जिले में आपदा तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने के चल रहे प्रयासों में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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भूस्खनल से पूर्व देगा चेतावनी
सिस्टम को स्टार्टअप के तहत बनाने वाली कंपनी के सीनियर बिजनेस प्रबंधक चंदन वैद्य ने बताया कि विश्वकर्मा चौक पर एलएमएस यंत्र को स्थापित किया है। यह यंत्र भूस्खलन से पूर्व लोगों को चेतावनी देगा। यदि यह यंत्र भूस्खलन होने की स्थिति को भांपता है तो लाल बत्ती जलाकर लोगों को आगाह करेगा। लाल बत्ती खतरे को इंगित करती है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व कई स्थानों में इस यंत्र का ट्रायल सफल रहा है।