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Mandi News: टीजीटी के शिक्षकों की सैलरी निर्धारण पर संघ ने जताई चिंता

Sat, 27 Jul 2024 07:28 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Sat, 27 Jul 2024 07:28 PM IST
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Union expressed concern over salary determination of TGT teachers
कहा, हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी इन शिक्षकों का हो रहा शोषण
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संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने 2008 के टीजीटी के साथ सैलरी निर्धारण पर हो रहे भेदभाव पर चिंता व्यक्त की है। संघ में इस बात का रोष है कि इन शिक्षकों का उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद भी शोषण हो रहा है, जिसे लेकर राज्य अध्यापक संघ ने एक बार फिर से रोष जताया है।
राज्य संघ के महासचिव एसपी चड्ढा, राज्य प्रबंधन सदस्य प्रवीण कुमार, संयुक्त सचिव हरीश शर्मा, धनी राम, वित्त सचिव दलीप वर्मा, मुख्य सचिव एसी किमटा, देवदत्त, हंसराज, बीरबल चंदेल, शादिक मोहम्मद समेत संघ की समस्त कार्यकारिणी ने 2008 के टीजीटी के साथ सैलरी निर्धारण पर हो रहे भेदभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों तक 6000 स्नातक अध्यापकों का शोषण करने के बाद भी हाईकोर्ट के फैसले को लागू करने में भेदभाव हो रहा है।
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संघ के अनुसार 2008 से लेकर 2015 तक टीजीटी को आधे से भी कम तनख्वाह देकर 1948 में बने श्रम कानून की धज्जियां उड़ाई गईं । अब कोर्ट के फैसले के बाद भी इनका सैलरी निर्धारण करने में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। जिला कांगड़ा की धीरा और पालमपुर ट्रेजऱी को छोड़कर सभी ट्रेजरी में 10830 पर 2008 से पे फिक्स की गई तो फिर पालमपुर और धीरा की ट्रेजरी में किस आधार पर 10300 पर सैलरी निर्धारण किया गया। इस पर अभी तक डीटीओ कार्यालय कांगड़ा ने स्थिति साफ नहीं की। इस कारण प्रभावित शिक्षकों में रोष है। संघ ने कहा कि जब कोर्ट ने कहा है कि इन शिक्षकों को 2008 से वे सभी लाभ दिए जाएं, जो उस समय एक टीजीटी को मिलते थे। विभाग ने भी इन शिक्षकों का वर्गीकरण करते हुए कुछ को 2008 से ही एरियर दे दिया और बाकियों को तीन साल के नोशनल लाभ देते हुए तीन साल तक का एरियर देने का फरमान जारी कर दिया जो कि कोर्ट के फैसले की अवमानना है।
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