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सुंदरनगर में जर्मन तकनीक से बनेंगे भूमिगत डस्टबिन

Wed, 03 Aug 2016 10:33 PM IST
मंडी
मंडी Updated Wed, 03 Aug 2016 10:33 PM IST
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underground dustbin made by german tecnology
सुंदरनगर के अंबेडकर नगर वार्ड में जर्मन तकनीक से भूमिगत डस्टबिन स्थापित करने के लिए सर्वे करती नोडल एजेंसी। - फोटो : अमर उजाला

सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर में शहर को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए भूमिगत डस्टबिन स्थापित करने का काम शुरू होगा। जिसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र के सहयोग से एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत डस्टबिन स्थापित करने की कवायद के लिए बंगलूरू से विशेषज्ञों की टीम सुंदरनगर पहुंच गई है। जो शहर के विभिन्न वार्डों का दौरा कर डस्टबिन स्थापित करने के लिए स्थानों का सर्वे कर रही है। विशेषज्ञों की टीम नगर परिषद के प्रतिनिधियों व कर्मचारियों की इस काम में मदद ले रही है। टीम के सर्वे के दौरान उन्हें स्थानीय लोगों से भी सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। जिन्हें टीम के सदस्य पूरी तवज्जो दे रहे हैं।

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केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के सहयोग से प्रदेश सरकार ने सुंदरनगर, पौंटा साहिब और धर्मशाला को कूड़ा मुक्त करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट मंजूर करवाया है। जिसके तहत सुंदरनगर, पौंटा साहिब और धर्मशाला में करीब 15 करोड़ की लागत से 150 भूमिगत डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। जर्मन तकनीक से बने यह डस्टबिन सेंसर से काम करेंगे। जमीन में करीब छह फीट नीचे तीन डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। जिनमें से एक में सूखा, एक में सूखा व गीला और तीसरे में बॉयोमेडिकल वेस्ट डाला जाएगा। यह डस्टबिन जब भर जाएंगे तो सेंसर के माध्यम से नगर परिषद के कार्यालय में इसकी जानकारी मिल जाएगी। जिसके उपरांत एक विशेष वाहन के माध्यम से इन्हें गारबेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाया जाएगा।
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जहां पर इस कूड़े कचरे से खाद का निर्माण किया जाएगा। नगर परिषद के उपाध्यक्ष दीपक सेन और पार्षद अजय शर्मा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के उपरांत सुंदरनगर शहर खुले में कूड़ा मुक्त हो जाएगा। डस्टबिन में लोग कूड़ा कचरा डालें, इसे लेकर पार्षदगण अपने-अपने वार्ड में जनजागरण अभियान चलाएंगे। शहर में कचरा लोगों के घरों से ही उठाया जाएगा। इधर, जर्मन तकनीक के भूमिगत डस्टबिन स्थापित करने के लिए नोडल एजेंसी बंगलूरू की जौंटा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक प्रोजेक्ट आनंद डीजे ने बताया कि सर्वे का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत सुंदरनगर और पौंटा साहिब नगर परिषद क्षेत्र में पहले चरण में 40-40 और धर्मशाला में 70 डस्टबिन स्थापित किए जाने हैं। इसके लिए दो मीटर चौड़े गड्ढे बना कर इन्हें स्थापित किया जाएगा। डस्टबिन के एक सेट की कीमत छह से सात लाख के बीच है।

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