मंडी। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना करने के आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए दो साल के साधारण कारावास और 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय ने जिला कुल्लू के अपर ढालपुर निवासी हर्शन उपाध्याय के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए, 279 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 और 187 के तहत अभियोग साबित होने पर उसे क्रमशः दो साल, छह माह, तीन माह और छह माह के साधारण कारावास और दस हजार, एक हजार और पांच-पाच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि अदा न करने पर एक माह से छह महीने तक की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 9 मार्च 2019 को बल्ह थाना पुलिस को नेरचौक मेडिकल कॉलेज से एक दुर्घटना की सूचना मिली। इस पर पुलिस का दल अस्पताल पहुंचा तो शिकायतकर्ता ने बयान दर्ज करवाया कि वह अपनी दुकान में मौजूद थे। इसी दौरान सुंदरनगर की ओर से एक वाहन आया और लूणापानी में सड़क के किनारे खड़ी एक लड़की मुस्कान को टक्कर मार दी। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया था, जहां पर चिकित्सा अधिकारी ने उसे मृत घोषित कर दिया था। सहायक लोक अभियोजक पंकज ने 22 गवाहों के बयान कलमबंद करवा कर आरोपी पर अभियोग साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दुर्घटना के चश्मदीद गवाहों और अन्य साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना करने का अभियोग साबित हुआ है। संवाद