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Mandi News: ट्रक चालक की बिटिया ने बढ़ाया मान
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10वीं में 700 में से 697 अंक लेकर प्रदेशभर में हासिल किया तीसरा स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटली (मंडी)। हौसले बुलंद हों और इरादे फौलादी तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। इसे सच कर दिखाया है ऑक्सफोर्ड स्कूल कोटली की छात्रा अलीशा ने। 10वीं बोर्ड परीक्षा में अलीशा ने 700 में से 697 अंक प्राप्त कर न केवल जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया, बल्कि प्रदेश की टॉप-10 मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त कर तुंगल क्षेत्र का नाम भी रोशन किया।
अपनी इस शानदार उपलब्धि पर अलीशा ने बताया कि उनका सपना यूपीएससी परीक्षा पास कर देश की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि वह प्रतिदिन लगभग 12 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं। अलीशा अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार को अपना आदर्श मानती हैं। उनके अनुसार किसी भी छात्र की सफलता के पीछे तीन प्रमुख स्तंभ होते हैं- शिक्षक, अभिभावक और स्वयं की मेहनत।
अलीशा की माता कौशल्या देवी बेटी की इस उपलब्धि पर भावुक हो उठीं और उन्होंने बताया कि अलीशा को कभी पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। वहीं, उनके पिता प्रकाश चंद, जो पेशे से ट्रक चालक हैं, ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी की यह उपलब्धि उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है। अलीशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटली (मंडी)। हौसले बुलंद हों और इरादे फौलादी तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। इसे सच कर दिखाया है ऑक्सफोर्ड स्कूल कोटली की छात्रा अलीशा ने। 10वीं बोर्ड परीक्षा में अलीशा ने 700 में से 697 अंक प्राप्त कर न केवल जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया, बल्कि प्रदेश की टॉप-10 मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त कर तुंगल क्षेत्र का नाम भी रोशन किया।
अपनी इस शानदार उपलब्धि पर अलीशा ने बताया कि उनका सपना यूपीएससी परीक्षा पास कर देश की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि वह प्रतिदिन लगभग 12 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं। अलीशा अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार को अपना आदर्श मानती हैं। उनके अनुसार किसी भी छात्र की सफलता के पीछे तीन प्रमुख स्तंभ होते हैं- शिक्षक, अभिभावक और स्वयं की मेहनत।
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अलीशा की माता कौशल्या देवी बेटी की इस उपलब्धि पर भावुक हो उठीं और उन्होंने बताया कि अलीशा को कभी पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। वहीं, उनके पिता प्रकाश चंद, जो पेशे से ट्रक चालक हैं, ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी की यह उपलब्धि उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है। अलीशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को दिया है।
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