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Mandi News: अदालती मामलों के शीघ्र निपटारे, निगरानी करने का दिया प्रशिक्षण
Thu, 19 Dec 2024 05:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 19 Dec 2024 05:13 AM IST
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मंडी। न्यायालयों में लंबित विभागीय मामलों के शीघ्र निपटारे और उनकी ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार के डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं शासन विभाग ने लिटिगेशन मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस सॉफ्टवेयर का उद्देश्य न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की जानकारी को केंद्रीकृत करना और उनके समाधान में तेजी लाना है।
लिटिगेशन मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग को समझाने और विभागीय कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए उपायुक्त कार्यालय के सभागार में छह दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर न्यायालयों में लंबित विभागीय मामलों पर नियमित निगरानी रखने में मदद करेगा।
विभागीय अधिकारी समय-समय पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से मामलों की स्थिति देख सकेंगे और उनके निपटारे के लिए आवश्यक कदम उठा सकेंगे। यह कार्यशाला विभिन्न विभागों, जैसे आबकारी एवं कराधान, राजकोष व लेखा, सामाजिक न्याय व अधिकारिता, वन, मत्स्य, खाद्य एवं आपूर्ति, पर्यटन, और उद्योग विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आयोजित की जा रही है।
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कार्यशाला में बुधवार को ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर दीक्षांत शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सॉफ्टवेयर के उपयोग, डेटा एंट्री, और रिपोर्ट जनरेट करने के तरीके समझाए। प्रशिक्षण में यह बताया गया कि किस प्रकार विभागीय अधिकारी अदालतों में चल रहे मामलों की जानकारी को नियमित रूप से अपडेट कर सकते हैं और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर सकते हैं। संवाद
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लिटिगेशन मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग को समझाने और विभागीय कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए उपायुक्त कार्यालय के सभागार में छह दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर न्यायालयों में लंबित विभागीय मामलों पर नियमित निगरानी रखने में मदद करेगा।
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विभागीय अधिकारी समय-समय पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से मामलों की स्थिति देख सकेंगे और उनके निपटारे के लिए आवश्यक कदम उठा सकेंगे। यह कार्यशाला विभिन्न विभागों, जैसे आबकारी एवं कराधान, राजकोष व लेखा, सामाजिक न्याय व अधिकारिता, वन, मत्स्य, खाद्य एवं आपूर्ति, पर्यटन, और उद्योग विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आयोजित की जा रही है।
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कार्यशाला में बुधवार को ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर दीक्षांत शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सॉफ्टवेयर के उपयोग, डेटा एंट्री, और रिपोर्ट जनरेट करने के तरीके समझाए। प्रशिक्षण में यह बताया गया कि किस प्रकार विभागीय अधिकारी अदालतों में चल रहे मामलों की जानकारी को नियमित रूप से अपडेट कर सकते हैं और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर सकते हैं। संवाद