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Mandi News: चंडीगढ़-मनाली एनएच पर 16 घंटे बाद यातायात बहाल
Wed, 06 Aug 2025 12:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 06 Aug 2025 12:03 AM IST
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मंडी- कुल्लू के बीच कैंची मोड़ में एनएच पर आया मलबा। स्रोत जागरूक पाठक
पंडोह (मंडी)। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और मलबा गिरने से बंद हुआ चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे (एनएच) सोमवार रात 1 बजे से लेकर मंगलवार शाम 4 बजे तक करीब 16 घंटे तक ठप रहा। मंडी से औट तक हाईवे पर कई स्थानों पर मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई।
हाईवे पर 4 मील, 9 मील, जागर नाला, पंडोह डैम के समीप कैंची मोड़, ड्योड टनल, जोगनी मोड़ और दवाउा तक भारी भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। विशेषकर पंडोह के पास 9 मील पर लगातार गिरते पत्थर और दलदल की स्थिति ने चुनौती और बढ़ा दी। वहीं जागर नाला फिर उफान पर आ गया, जिससे सड़क पर पानी बहता रहा और यातायात पूरी तरह से थम गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात रहीं। पंडोह पुलिस चौकी प्रभारी अनिल कटोच ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि मौसम और पहाड़ी भूगोल के कारण मार्ग को अभी भी जोखिमपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन लगातार अलर्ट पर है।
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हाईवे पर 4 मील, 9 मील, जागर नाला, पंडोह डैम के समीप कैंची मोड़, ड्योड टनल, जोगनी मोड़ और दवाउा तक भारी भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। विशेषकर पंडोह के पास 9 मील पर लगातार गिरते पत्थर और दलदल की स्थिति ने चुनौती और बढ़ा दी। वहीं जागर नाला फिर उफान पर आ गया, जिससे सड़क पर पानी बहता रहा और यातायात पूरी तरह से थम गया।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात रहीं। पंडोह पुलिस चौकी प्रभारी अनिल कटोच ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि मौसम और पहाड़ी भूगोल के कारण मार्ग को अभी भी जोखिमपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन लगातार अलर्ट पर है।
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