{"_id":"57c9a9f74f1c1b3d782cc6cc","slug":"trade-union-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजदूर विरोधी नीतियों पर फूटा मजदूरों का गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजदूर विरोधी नीतियों पर फूटा मजदूरों का गुस्सा
मंडी
Updated Fri, 02 Sep 2016 10:04 PM IST
विज्ञापन
मंडी में ट्रेड यूनियनों की नारेबाजी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी/बरोट। केंद्रीय मजदूर संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को मंडी में विभिन्न संगठनों ने धरना प्रदर्शन और हड़ताल की। जिसका नेतृत्व सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, एटक के प्रधान प्रकाश पंत, इंटक के प्रधान वाईपी कपूर ने किया। हड़ताल में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव संघ के बटकराज, बीमा कर्मी, बीएसएनएल, बीबीएमबी, आंगनबाड़ी, मिड डे मील, जलरक्षक, रेहड़ी-फड़ी, निर्माण मजदूर यूनियनों से जुड़े सैकड़ों मजदूरों ने सेरी मंच से चौहाटा बाजार तक रैली निकाली। बंद का जिला मंडी में कोई खास असर नहीं रहा। व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे और परिवहन व्यवस्था भी सुचारु रूप से चलता रही। सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र ने कहा कि मोदी सरकार के दो साल के कार्यालय में मजदूर संगठनों की यह दूसरी बड़ी हड़ताल है। मोदी सरकार बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों के दबाव में श्रम कानूनों को बदल रही है।
उत्तर क्षेत्र बीमा कर्मचारी संगठन के शाखा सचिव रूप लाल भारद्वाज ने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ संगठन की हड़ताल जायज है। हाइड्रो प्रोजेक्ट लंबाडग छेरना के लगभग 150 मजदूरों, मिड डे मील, आंगनबाड़ी वर्करों ने शुक्रवार को मुल्थान मेला मैदान से महंगाई, विनिवेश और निजीकरण को बंद करने और अन्य मांगों के बारे में मुल्थान बाजार में सीटू के बैनर तले रैली निकाली। इसके अलावा प्रधानमंत्री को मुल्थान तहसीलदार के माध्यम से सीटू के प्रधान सुख राम की अध्यक्षता में ज्ञापन भेजा गया। सीटू के प्रधान सुख राम ने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, फेडरेशनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर 12 सूत्रीय मांगों के समर्थन में हड़ताल को समर्थन दिया गया है। कहा कि महंगाई को कम करने, मजदूरों को न्यूनतम वेतन 18000 मासिक और सभी मजदूरों को पेंशन सहित सभी लाभ, ठेका मजदूरों को रेगुलर मजदूरी, आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील, मनरेगा के मेहनताने में बढ़ोतरी करने की मांगें पूरी तरह से जायज हैं। इस मौके पर सीटू सचिव जगदेव, सलाहकार केशव व कई सदस्य शामिल रहे।
दूसरे दिन भी जारी रहा एबीवीपी का क्रमिक अनशन
मंडी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मंडी इकाई का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। क्रमिक भूख हड़ताल में दूसरे दिन अंकुश सकलानी और अरशद ने मोर्चा संभाला। हाल ही में प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से घोषित परीक्षा परिणाम और रूसा सिस्टम के विरोध में परिषद कार्यकर्ता हड़ताल कर रहे हैं। इकाई के अध्यक्ष हिमांशु ने कहा कि जब तक परीक्षा परिणाम का पूर्ण मूल्यांकन नहीं किया जाता, हड़ताल जारी रहेगी। प्रदेश विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हित में पुन: मूल्यांकन की मांग उठाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर क्षेत्र बीमा कर्मचारी संगठन के शाखा सचिव रूप लाल भारद्वाज ने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ संगठन की हड़ताल जायज है। हाइड्रो प्रोजेक्ट लंबाडग छेरना के लगभग 150 मजदूरों, मिड डे मील, आंगनबाड़ी वर्करों ने शुक्रवार को मुल्थान मेला मैदान से महंगाई, विनिवेश और निजीकरण को बंद करने और अन्य मांगों के बारे में मुल्थान बाजार में सीटू के बैनर तले रैली निकाली। इसके अलावा प्रधानमंत्री को मुल्थान तहसीलदार के माध्यम से सीटू के प्रधान सुख राम की अध्यक्षता में ज्ञापन भेजा गया। सीटू के प्रधान सुख राम ने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, फेडरेशनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर 12 सूत्रीय मांगों के समर्थन में हड़ताल को समर्थन दिया गया है। कहा कि महंगाई को कम करने, मजदूरों को न्यूनतम वेतन 18000 मासिक और सभी मजदूरों को पेंशन सहित सभी लाभ, ठेका मजदूरों को रेगुलर मजदूरी, आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील, मनरेगा के मेहनताने में बढ़ोतरी करने की मांगें पूरी तरह से जायज हैं। इस मौके पर सीटू सचिव जगदेव, सलाहकार केशव व कई सदस्य शामिल रहे।
विज्ञापन
दूसरे दिन भी जारी रहा एबीवीपी का क्रमिक अनशन
मंडी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मंडी इकाई का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। क्रमिक भूख हड़ताल में दूसरे दिन अंकुश सकलानी और अरशद ने मोर्चा संभाला। हाल ही में प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से घोषित परीक्षा परिणाम और रूसा सिस्टम के विरोध में परिषद कार्यकर्ता हड़ताल कर रहे हैं। इकाई के अध्यक्ष हिमांशु ने कहा कि जब तक परीक्षा परिणाम का पूर्ण मूल्यांकन नहीं किया जाता, हड़ताल जारी रहेगी। प्रदेश विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हित में पुन: मूल्यांकन की मांग उठाई है।
विज्ञापन