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Mandi News: आंखों के सामने गिर गए तीन घर, 20 अन्य को बचाने के लिए प्रशासन गंभीर नहीं

Fri, 20 Sep 2024 02:28 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Fri, 20 Sep 2024 02:28 AM IST
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Three houses collapsed before our eyes, administration not serious about saving 20 others
प्रभावित बोले- 40 बार उपायुक्त कार्यालय में लगा चुके हैं गुहार, फाइलों में घूम रही भूस्खलन स्थल पर डंगा लगाने की पीपीआर
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सन्यारड़ वार्ड में जिला उद्योग भवन के आगे भूस्खलन से डर के साय में रातें गुजार रहे शहरवासी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पूरी उम्र की कमाई आशियाने बनाने में लगा दी, अब आंखों के सामने घर जमींदोज हो रहे हैं। तीन घर ध्वस्त हो चुके हैं, जबकि भूस्खलन स्थल पर डंगा नहीं लगा तो 20 अन्य घर भी ढह जाएंगे। यह कहना है कि जिला उद्योग विभाग कार्यालय से आगे सन्यारड़ वार्ड के आपदा प्रभावित लोगों का। 2023 में आई आपदा के बाद से 20 परिवार रात को डर के साय में सो रहे हैं। बारिश पर घरों के गिरने का खतरा है।
लोगों का कहना है कि भूस्खलन पर डंगा लगाने के लिए 40 बार उपायुक्त कार्यालय से गुहार लगा चुके हैं। 2023 में मुख्यमंत्री के सलाहकार से भी गुहार लगाई थी, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से बनाई 4.16 करोड़ रुपये की पीपीआर फाइलों में घूम रही हैं। 2024 में प्रशासन ने उक्त स्थान पर डंगा लगाया था, लेकिन बीच में होने और बरसात के चलते अब उक्त डंगा 30 फीट नीचे चला गया है। हालात ऐसे हैं कि घरों के लिए रास्ता तक नहीं बचा है। जो रास्ता है उसकी हालत ऐसी है कि बुजुर्ग घर नहीं छोड़ पा रहे हैं। घरों में दरारें पड़ चुकी हैं। खतरा बने घरों के पास से पानी की रिसाव जारी है। स्थानीय विधायक अनिल शर्मा, निगम के महापौर वीरेंद्र भट्ट और स्थानीय पार्षद वीरेंद्र आर्य कई बार मुआयना कर चुके हैं, लेकिन आपदा प्रभावितों की समस्या का हल नहीं निकाल पाए हैं।
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लोग बोले- ऊपर जमीन में लीक हो रहीं पाइपें
स्थानीय निवासी नर्वदा चौहान बताती हैं कि पहले सब ठीक था। जब से जल शक्ति विभाग ने सन्यारड़ी के लिए पाइप लाइन बिछाई है। उसके बाद से भूस्खलन में लोगों के घर गिर रहे हैं। ऊपर नाली की व्यवस्था सही नहीं है। इससे पानी जमीन पर रिस रहा है और भूस्खलन बढ़ रहा है। प्रशासन को जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
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स्थानीय निवासी बीआर ठाकुर ने बताया कि प्रशासन सुध नहीं लेता है तो आने वाले समय में सभी घर गिर जाएंगे। डंगा नीचे सकोडी खड्ड से लगाया जाना जरूरी है। कई लोग खतरा बनने के बाद से अपने आशियानों को छोड़कर चले गए हैं। हालात ऐसे हैं कि रात के समय नींद भी नहीं आ रही है। रास्ता सही न होने से बुजुर्ग भी परेशान हैं।
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इनके घरों को खतरा
हंसराज गुप्ता, नर्वदा चौहान, दुर्गा दास, कश्मीर सिंह, अमर सिंह, रणधीर सिंह, नारायण दास, बीआर ठाकुर, विपिन चंद शर्मा, नरेश विशिष्ट, परस राम, बलदेव, तेज सिंह, कृष्ण, मुंशी, नीलम, जगदीश और प्रेमलाल के घर को खतरा हो गया है। स्थानीय युवक अकाश सभ्रवाल ने बताया कि 40 बार उपायुक्त कार्यालय में गुहार लगा चुके हैं। सरकार से गुहार है कि वार्ड वासियों की परेशानी को देखते हुए जल्द डंगे के लिए बजट का प्रावधान किया जाए।


कोट्स
हमारी तरफ से 4.16 करोड़ रुपये की पीपीआर बनाकर आगे भेज दी है। अब आगे इसे राज्य आपदा कमेटी देख रही है। थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन जैसे ही बजट का प्रावधान होता है तो डंगा लगवा दिया जाएगा। विश्वकर्मा मंदिर के पास डंगा लगाने के लिए 99 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जल्द यहां काम शुरू करवा दिया जाएगा।
-अपूर्व देवगन, उपायुक्त मंडी
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