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Mandi News: ब्यास किनारे खतरे में रहने वालों को अब सीधे मिलेगा अलर्ट
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बीबीएमबी-आईआईटी रुड़की तैयार कर रहे एक्शन प्लान
पंडोह से देहरा तक 135 किमी क्षेत्र में होगी मैपिंग
प्रभावितों के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। ब्यास नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने या पंडोह डैम से अत्यधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में संभावित प्रभावित लोगों को अब सीधे अलर्ट करने की व्यवस्था की जाएगी। बीबीएमबी प्रबंधन आईआईटी रुड़की के आईसीईडी सेंटर की मदद से पंडोह डैम से देहरा तक 135 किलोमीटर क्षेत्र के लिए इमरजेंसी एक्शन प्लान तैयार कर रहा है। इसके तहत नदी किनारे रहने वाले लोगों और उनकी संपत्तियों को खतरे के स्तर के आधार पर चिह्नित किया जाएगा।
योजना में पूरे क्षेत्र को तीन जोन में बांटा जाएगा। ग्रीन जोन में सामान्य जलप्रवाह की सीमा तक आने वाले क्षेत्र होंगे। ब्लू जोन में अधिक पानी छोड़े जाने पर खतरा पैदा होने वाले इलाके शामिल होंगे। वहीं, रेड जोन में फ्लैश फ्लड, बादल फटने या पंडोह डैम से अत्यधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में प्रभावित होने वाले क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे।
प्रभावितों की पहचान पहले से होने पर आपात स्थिति में उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। लोगों के घरों के अलावा उन अन्य संपत्तियों को भी चिह्नित किया जाएगा, जो पानी की जद में आ सकती हैं।
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बीबीएमबी की ओर से पंडोह डैम से पानी छोड़ने से पहले मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिला प्रशासन को सूचना दी जाती है। नए प्लान में संभावित प्रभावित लोगों के मोबाइल नंबरों का डाटा भी तैयार किया जाएगा। इससे जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सूचना देने के साथ संबंधित लोगों को व्यक्तिगत तौर पर संदेश भेजकर भी अलर्ट किया जा सकेगा।
इमरजेंसी एक्शन प्लान का प्रस्ताव तीन हिस्सों में तैयार किया जा रहा है। इसका पहला भाग पूरा हो चुका है और उसी के आधार पर दूसरे भाग पर काम चल रहा है। अगले छह माह में इसकी ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है। -चंद्रमणी शर्मा, अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता बीबीएमबी पंडोह
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पंडोह से देहरा तक 135 किमी क्षेत्र में होगी मैपिंग
प्रभावितों के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। ब्यास नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने या पंडोह डैम से अत्यधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में संभावित प्रभावित लोगों को अब सीधे अलर्ट करने की व्यवस्था की जाएगी। बीबीएमबी प्रबंधन आईआईटी रुड़की के आईसीईडी सेंटर की मदद से पंडोह डैम से देहरा तक 135 किलोमीटर क्षेत्र के लिए इमरजेंसी एक्शन प्लान तैयार कर रहा है। इसके तहत नदी किनारे रहने वाले लोगों और उनकी संपत्तियों को खतरे के स्तर के आधार पर चिह्नित किया जाएगा।
योजना में पूरे क्षेत्र को तीन जोन में बांटा जाएगा। ग्रीन जोन में सामान्य जलप्रवाह की सीमा तक आने वाले क्षेत्र होंगे। ब्लू जोन में अधिक पानी छोड़े जाने पर खतरा पैदा होने वाले इलाके शामिल होंगे। वहीं, रेड जोन में फ्लैश फ्लड, बादल फटने या पंडोह डैम से अत्यधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में प्रभावित होने वाले क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे।
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प्रभावितों की पहचान पहले से होने पर आपात स्थिति में उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। लोगों के घरों के अलावा उन अन्य संपत्तियों को भी चिह्नित किया जाएगा, जो पानी की जद में आ सकती हैं।
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बीबीएमबी की ओर से पंडोह डैम से पानी छोड़ने से पहले मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिला प्रशासन को सूचना दी जाती है। नए प्लान में संभावित प्रभावित लोगों के मोबाइल नंबरों का डाटा भी तैयार किया जाएगा। इससे जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सूचना देने के साथ संबंधित लोगों को व्यक्तिगत तौर पर संदेश भेजकर भी अलर्ट किया जा सकेगा।
इमरजेंसी एक्शन प्लान का प्रस्ताव तीन हिस्सों में तैयार किया जा रहा है। इसका पहला भाग पूरा हो चुका है और उसी के आधार पर दूसरे भाग पर काम चल रहा है। अगले छह माह में इसकी ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है। -चंद्रमणी शर्मा, अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता बीबीएमबी पंडोह