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Mandi News: खेतों में ही सड़कर काली पड़ गई गेहूं की फसल

Thu, 07 May 2026 12:59 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2026 12:59 AM IST
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The wheat crop rotted and turned black in the fields.
लडभड़ोल में बेमौसमी बारिश का कहर, किसानों को नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
लडभड़ोल (मंडी)। लडभड़ोल तहसील क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से हो रही बेमौसमी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के गोरा और बलोटू गांवों में बारिश के कारण खेतों में कटी हुई गेहूं की फसल सड़कर काली पड़ने लगी है। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। भारी नुकसान से जूझ रहे स्थानीय किसानों ने कृषि विभाग और प्रदेश सरकार से नुकसान का उचित आकलन कर शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। क्षेत्र के किसान रमेश कुमार, रीना देवी, आशा देवी, चंचला देवी, नीमा देवी और धूपा देवी ने बताया कि बेमौसमी बारिश ने उनकी फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। किसानों ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग द्वारा वितरित बीज एक समान गुणवत्ता के नहीं थे। कुछ बीज ठीक निकले, जबकि कुछ खराब गुणवत्ता वाले थे, जिसके चलते फसलें अलग-अलग समय पर पककर तैयार हुईं। बाद में पकने वाली फसलें बारिश की भेंट चढ़ गईं।
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कृषि विभाग चौंतड़ा की विषयवाद विशेषज्ञ सोनम कुमारी ने बताया कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया है, उनके लिए मुआवजे का प्रावधान है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आगे से अपनी फसलों का बीमा अवश्य करवाएं।
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सुभाष चंद निवासी बलोटू ने बताया कि लगातार बारिश से खेतों में रखी गेहूं पूरी तरह काली पड़ गई है। बारिश के कारण उसे सुखाने का भी मौका नहीं मिल रहा। जंगली जानवरों से बड़ी मुश्किल से बचाई गई फसल अब बारिश में सड़ रही है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत देने की मांग की।
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राजदीप चौहान, निवासी गोरा ने कहा कि चार–पांच दिनों की बारिश से खेतों में रखी गेहूं में अंकुर निकल आए हैं। विभाग द्वारा अलग-अलग प्रकार के बीज दिए जाने के कारण फसल एक साथ नहीं पक सकी, जिससे नुकसान बढ़ गया। जिन किसानों की फसल पहले कट गई थी, वे अपेक्षाकृत बच गए। उन्होंने विभाग से आगे एक समान बीज उपलब्ध कराने की मांग की।

शांति देवी, निवासी बलोटू ने बताया कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर आवारा और जंगली पशुओं से अपनी फसल बचाई थी, लेकिन बेमौसमी बारिश ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
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