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Mandi News: पटरी पर लौटी रौनक, जोगिंद्रनगर-कांगड़ा के बीच दौड़ी ट्रेन
Sat, 06 Dec 2025 06:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 06 Dec 2025 06:55 AM IST
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जोगिंद्रनगर पहुंची रेलगाड़ी। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर करीब छह महीने के सन्नाटे के बाद शुक्रवार को फिर से रौनक लौट आई। जोगिंद्रनगर से कांगड़ा के बीच रेलगाड़ियों की छुक-छुक और सीटी की गूंज ने न केवल यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, बल्कि मंडी और कांगड़ा के पर्यटन कारोबार में भी नई उम्मीद जगा दी है।
उत्तर रेलवे ने महंगाई के दौर में यात्रियों को बड़ी राहत दी है। छह महीने बाद शुरू हुई सेवा के किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। अब यात्री जोगिंद्रनगर से बैजनाथ तक का 20 किलोमीटर का सफर महज 10 रुपये में तय कर सकेंगे, जबकि बसों में इसके लिए 40 रुपये चुकाने पड़ते थे। वहीं, जोगिंद्रनगर से कांगड़ा मंदिर तक 75 किलोमीटर की लंबी दूरी का किराया सिर्फ 30 रुपये है।
पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ इस ट्रैक के बहाल होने से मंडी और कांगड़ा की सीमा से सटे बीड़-बिलिंग (पैराग्लाइडिंग साइट) और चौहारघाटी की बरोट वैली आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। हेरिटेज ट्रेन का रोमांचक सफर पर्यटकों को आकर्षित करेगा। इसके अलावा यह सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें इलाज के लिए पालमपुर, बैजनाथ या टांडा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है।
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रेल का सफर बसों की तुलना में झटकों रहित और सुरक्षित माना जाता है। फिलहाल विभाग ने तीन रेलगाड़ियों का संचालन शुरू किया है। शुक्रवार को तीन बोगियों वाली पहली ट्रेन सुबह 9:35 बजे जोगिंद्रनगर पहुंची और 10:30 बजे वापस बैजनाथ के लिए रवाना हुई। वहीं, बैजनाथ पपरोला से कांगड़ा के लिए सुबह 7:00 बजे और दोपहर 1:20 बजे गाड़ियां चलाई गईं।
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उत्तर रेलवे ने महंगाई के दौर में यात्रियों को बड़ी राहत दी है। छह महीने बाद शुरू हुई सेवा के किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। अब यात्री जोगिंद्रनगर से बैजनाथ तक का 20 किलोमीटर का सफर महज 10 रुपये में तय कर सकेंगे, जबकि बसों में इसके लिए 40 रुपये चुकाने पड़ते थे। वहीं, जोगिंद्रनगर से कांगड़ा मंदिर तक 75 किलोमीटर की लंबी दूरी का किराया सिर्फ 30 रुपये है।
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पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ इस ट्रैक के बहाल होने से मंडी और कांगड़ा की सीमा से सटे बीड़-बिलिंग (पैराग्लाइडिंग साइट) और चौहारघाटी की बरोट वैली आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। हेरिटेज ट्रेन का रोमांचक सफर पर्यटकों को आकर्षित करेगा। इसके अलावा यह सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें इलाज के लिए पालमपुर, बैजनाथ या टांडा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है।
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रेल का सफर बसों की तुलना में झटकों रहित और सुरक्षित माना जाता है। फिलहाल विभाग ने तीन रेलगाड़ियों का संचालन शुरू किया है। शुक्रवार को तीन बोगियों वाली पहली ट्रेन सुबह 9:35 बजे जोगिंद्रनगर पहुंची और 10:30 बजे वापस बैजनाथ के लिए रवाना हुई। वहीं, बैजनाथ पपरोला से कांगड़ा के लिए सुबह 7:00 बजे और दोपहर 1:20 बजे गाड़ियां चलाई गईं।