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Mandi News: दो घंटे पहले आया आचार संहिता का ख्याल, वर्चुअल चर्चा में बदली बैठक<bha>;</bha> नहीं जुड़े 13 पार्षद

Mon, 06 May 2024 11:34 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 06 May 2024 11:34 PM IST
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The thought of code of conduct came two hours ago, the meeting turned into a virtual discussion; 13 councilors did not join
वर्चुअल चर्चा में हाईकोर्ट के निर्देशों पर वार्डों में सफाई और आपदा को लेकर हुआ विचार-विमर्श
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वार्ड में कहां-कहां आता है फ्लड, पार्षद खुद जगहों की पहचान कर बताएं
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सुलेमान बनाम सरकार मामले में दिए गए निर्देशों को वार्डों में लागू करने और आपदा से निपटने को लेकर पहली मई को बुलाई गई नगर निगम की साधारण बैठक सोमवार को आचार संहिता के चलते दो घंटे पहले वर्चुअल चर्चा में बदल गई। महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल चर्चा में चयनित और मनोनीत 20 पार्षदों में से 7 ने ही जुड़ना जरूरी समझा। जबकि कई ऑनलाइन होने के बावजूद इससे नहीं जुड़ पाए। बैठक में सुलेमान बनाम सरकार मामले में दिए गए 23 पन्नों के निर्देशों को लागू करने को लेकर चर्चा की गई।
हाईकोर्ट के अनुसार हर वार्ड में स्वच्छता कमेटी तो बनी है, लेकिन बैठक नहीं कर पा रहे हैं। पार्षद कमेटी के मुखिया हैं। वे ही वार्ड में कमेटी के साथ हर माह बैठक कर स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देश देंगे। वार्डों में कूड़े के हॉट स्पॉट की पहचान करने के साथ उनका निवारण भी करवाएंगे। अब पार्षद भी स्वच्छता को लेकर उतने ही जिम्मेदार होंगे, जितने अधिकारी होते हैं। उन्हें भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। वर्चुअल बैठक में आगामी बरसात से निपटने को लेकर भी चर्चा की गई। पार्षदों को बताया गया कि वार्ड में कहां-कहां पर ज्यादा फ्लड आते हैं। उनकी पहचान करें ताकि बरसात में परेशानी पेश न आए। इसके अलावा वार्डों में नालियों की सफाई करवाने को लेकर भी चर्चा की गई।
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शहरवासियों को इन जिम्मेदारियों का करना पड़ेगा निर्वहन
-कोई भी अपशिष्ट उत्पादक अपनी ओर से उत्सर्जित अपशिष्ट को सड़क, खुले स्थान, नाली या जल निकायों में नहीं फेंकेगा।
-कोई भी व्यक्ति अपने घर, संगठन, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से प्रदूषित गंदा पानी, कीचड़, गोबर, मूत्र, अपने परिसर में जमा नहीं होने देगा और न ही इसे आम सड़कों पर इस तरह बहने देगा कि पर्यावरण प्रदूषित हो या सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो।
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-उपयोग किए गए सेनिटरी अपशिष्ट को अखबार या उपयुक्त बायोडिग्रेडेबल रैपिंग सामग्री में सुरक्षित रूप से लपेटना और उसे गैर-बायोडिग्रेडेबल अपशिष्ट के लिए बने घरेलू कूड़ेदान में डालना होगा।
-सभी नागरिकों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने परिसरों में उत्पन्न पुनर्चक्रणीय अपशिष्ट को मंडी नगर निगम की ओर से अधिकृत कचरा बीनने वालों या मंडी नगर निगम के कचरा संग्रहकर्ता या कंटेनरों को सौंप दें तथा किसी भी परिस्थिति में इसे सड़क पर न डालें।
-सभी अपशिष्ट उत्पादक इन उप-नियमों में निर्दिष्ट उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करेंगे।
-कोई भी अपशिष्ट उत्पादक अपनी ओर से उत्पन्न ठोस अपशिष्ट को सड़कों, अपने परिसर के बाहर खुले सार्वजनिक स्थानों या नाली या जल निकायों में नहीं फेंकेगा, जलाएगा या दफनाएगा।
-किसी भी सार्वजनिक स्थान या किसी ऐसे स्थान पर मृत पशु या उनके अवशेष नहीं फेंके जाएंगे, जिससे किसी भी प्रकार का प्रदूषण हो।
-यदि कोई व्यक्ति निषिद्ध गतिविधियों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो मंडी नगर निगम द्वारा अपराधी से जुर्माना वसूला जाएगा।

मेयर समेत 7 पार्षदों ने की मीटिंग ज्वाइन

वर्चुअल चर्चा में नगर निगम के महापौर को मिलाकर कुल 20 पार्षदाें में से 7 ने ही ज्वाइन किया। जबकि भाजपा समर्पित कुछ पार्षद नगर निगम कार्यालय तो पहुंचे लेकिन गूगल मीट पर वर्चुअल चर्चा ज्वाइन नहीं की। चर्चा में महापौर वीेरेंद्र भट्ट शर्मा, पार्षद राजेंद्र मोहन, वीरेंद्र आर्य, अंजय कुमारी, मनोनीत पार्षद, दिनेश पटियाल, दर्शन ठाकुर जुड़े रहे। जबकि निगम की ओर से आयुक्त एचएस राणा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



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वार्ड स्वच्छता समिति की जिम्मेदारी, जुर्माना लगाने की भी हकदार
वार्ड स्वच्छता समिति वार्ड में स्वच्छता और सफाई गतिविधियों की देखरेख करेगी। समिति वार्ड स्तर पर स्वच्छता मुद्दों पर शिकायत निवारण केंद्र के रूप में भी कार्य करेगी। वार्ड स्वच्छता समिति के पास किसी भी अपराधी पर जुर्माना लगाने की शक्ति होगी और दंड को माफ करने की शक्ति भी है। वार्ड स्वच्छता समिति घर की खाद, जैव-गैस पीढ़ी को बढ़ावा देगी। दुर्गंध के नियंत्रण के लिए सामुदायिक स्तर पर कचरे का विकेंद्रीकृत प्रसंस्करण और सुविधा के आसपास स्वच्छता का रखरखाव देखेगी। वार्ड स्वच्छता समिति इन उप-कानूनों के किसी भी अपराधियों को चेतावनी देगी। इसके बाद निगम, जुर्माना उन के प्रावधानों के अनुसार उल्लंघनकर्ता से एकत्र किया जाएगा।

कोट्स
हाईकोर्ट के निर्देशों को लागू करने में हो रही देरी और आचार संहिता के चलते वर्चुअल बैठक की गई। 6 पार्षद जुड़े थे। इसमें सुलेमान बनाम सरकार मामले में निर्देशों को लागू करवाने और आपदा से निपटने को लेकर चर्चा की गई।

-एचएस राणा, आयुक्त, नगर निगम मंडी
कोट्स
आचार संहिता के चलते आखिरी समय में वर्चुअल बैठक में आगामी बरसात में राहत कार्यों और सुलेमान वर्सेज सरकार मामले में निर्देशों को लागू करवाने पर मंथन किया गया। वार्डों में पार्षदों को फ्लड आने वाली जगहों की पहचान करने को कहा गया है।
-वीरेंद्र भट्ट शर्मा, महापौर नगर निगम मंडी
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