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Mandi News: स्ट्रेक्चर खस्ताहाल, व्हील चेयर और बेंच भी बढ़ा रहे मरीजों का मर्ज
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जोनल अस्पताल मंडी मेंं स्ट्रेचर ट्राॅली पर महिला मरीज को वार्ड ले जाते समय स्ट्रेचर ट्रॉली के ट
जोनल अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं देने लगीं जवाब, तीमारदार पहले स्ट्रेचर तो बाद में उठाकर ले जा रहे मरीज
ओपीडी के बाहर रखे बेंच भी टूटी हालत में, अस्पताल प्रबंधन बेखबर
हरदेव हरि
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में मूलभूत सुविधाएं जवाब देने लगी हैं। हालात ये हैं कि खस्ताहाल स्ट्रेक्चर, व्हील चेयर और बेंच आराब के बजाय मरीजों का मर्ज बढ़ा रहे हैं। अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं ही सही तरह से न मिलने के कारण मरीज बेहाल हैं, जबकि इन सबसे जोनल अस्पताल प्रबंधन बेसुध है।
हालात ये हैं कि प्रबंधन सुविधाएं दिलाने के बजाय मीडिया को भी सलाह देने से बाज नहीं आ रहा है। खस्ताहाल स्ट्रेचर को दुरुस्त करने के बजाये इनके फोटो मांगें जा रहे हैं, जबकि प्रबंधन को खुद निरीक्षण कर इन सुविधाओं को जायजा लेना चाहिए, लेकिन यहां प्रबंधन मात्र अपने कमरे तक ही सीमित रह गया है।
सोमवार को आपातकाल में एक मरीज को उपचार के बाद वार्ड में ले जाया जा रहा था। अचानक स्ट्रेचर ट्रॉली के खराब टायर बीच रास्ते में जाम हो गए। ऐसे में कुछ समय के लिए आपातकालीन ओपीडी के बाहर आने जाने वाले लोगों की भारी भीड़ लग गई। आनन फानन तीमारदारों को स्ट्रेचर के साथ मरीज को उठा कर वार्ड तक पहुंचाना पड़ा। इसके लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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जोनल अस्पताल मंडी में लंबे समय से दैनिक प्रयोग में लाया जा रहा फर्नीचर खराब पड़ा है। हालांकि कुछ माह पूर्व ही अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हील चेयर को बदलकर कुछ नया सामान मुहैया करवाया गया है, लेकिन उसमें भी अधिकांश फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो गया है। कुछ व्हील चेयर और स्ट्रेचर ट्रॉली के टायर जाम हो गए हैं तो कुछ व्हील चेयर के टायर और कुर्सियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। गायनी वार्ड के बाहर मरीजों और तीमारदारों के बैठने के लिए रखे बेंच भी क्षतिग्रस्त हालत में हैं। मजबूरी में लोगों को उन्हीं पर बैठना पड़ रहा है, जबकि जिला स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर और मेडिसन ओपीडी के बाहर भी कुछ बेंच क्षतिग्रस्त हालत में हैं।
बता दें कि बीते वर्ष अस्पताल के पर्ची काउंटर के बाहर और आपातकाल ओपीडी के बाहर मरीजों और तीमारदारों को बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में बेंच रखे गए थे, लेकिन कुछ माह से उन्हें उठा दिया गया है। इस कारण लोगों को बैठने के लिए सुविधा नहीं मिल रही है। महिला मंडल रविनगर की प्रधान धर्मी देवी, नागरिक सभा के सचिव नीरज हांडा, जयकुमार, संजय कुमार और अन्य ने अस्पताल प्रबंधन से लोगों की सुविधा के लिए उचित सुविधा मुहैया करवाने की मांग उठाई गई है।
बॉक्स
अभी कुछ माह पूर्व ही एमसीएच अस्पताल के लिए नया फर्नीचर आया है। इसे मरीज और तीमारदार प्रयोग कर रहे हैं। यदि किसी स्ट्रेचर या व्हील चेयर में दिक्कत आई है तो उसकी शीघ्र ही मरम्मत करवा दी जाएगी।
-डाॅ. धर्म सिंह वर्मा, एमएस, जोनल अस्पताल मंडी
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ओपीडी के बाहर रखे बेंच भी टूटी हालत में, अस्पताल प्रबंधन बेखबर
हरदेव हरि
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में मूलभूत सुविधाएं जवाब देने लगी हैं। हालात ये हैं कि खस्ताहाल स्ट्रेक्चर, व्हील चेयर और बेंच आराब के बजाय मरीजों का मर्ज बढ़ा रहे हैं। अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं ही सही तरह से न मिलने के कारण मरीज बेहाल हैं, जबकि इन सबसे जोनल अस्पताल प्रबंधन बेसुध है।
हालात ये हैं कि प्रबंधन सुविधाएं दिलाने के बजाय मीडिया को भी सलाह देने से बाज नहीं आ रहा है। खस्ताहाल स्ट्रेचर को दुरुस्त करने के बजाये इनके फोटो मांगें जा रहे हैं, जबकि प्रबंधन को खुद निरीक्षण कर इन सुविधाओं को जायजा लेना चाहिए, लेकिन यहां प्रबंधन मात्र अपने कमरे तक ही सीमित रह गया है।
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सोमवार को आपातकाल में एक मरीज को उपचार के बाद वार्ड में ले जाया जा रहा था। अचानक स्ट्रेचर ट्रॉली के खराब टायर बीच रास्ते में जाम हो गए। ऐसे में कुछ समय के लिए आपातकालीन ओपीडी के बाहर आने जाने वाले लोगों की भारी भीड़ लग गई। आनन फानन तीमारदारों को स्ट्रेचर के साथ मरीज को उठा कर वार्ड तक पहुंचाना पड़ा। इसके लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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जोनल अस्पताल मंडी में लंबे समय से दैनिक प्रयोग में लाया जा रहा फर्नीचर खराब पड़ा है। हालांकि कुछ माह पूर्व ही अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हील चेयर को बदलकर कुछ नया सामान मुहैया करवाया गया है, लेकिन उसमें भी अधिकांश फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो गया है। कुछ व्हील चेयर और स्ट्रेचर ट्रॉली के टायर जाम हो गए हैं तो कुछ व्हील चेयर के टायर और कुर्सियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। गायनी वार्ड के बाहर मरीजों और तीमारदारों के बैठने के लिए रखे बेंच भी क्षतिग्रस्त हालत में हैं। मजबूरी में लोगों को उन्हीं पर बैठना पड़ रहा है, जबकि जिला स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर और मेडिसन ओपीडी के बाहर भी कुछ बेंच क्षतिग्रस्त हालत में हैं।
बता दें कि बीते वर्ष अस्पताल के पर्ची काउंटर के बाहर और आपातकाल ओपीडी के बाहर मरीजों और तीमारदारों को बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में बेंच रखे गए थे, लेकिन कुछ माह से उन्हें उठा दिया गया है। इस कारण लोगों को बैठने के लिए सुविधा नहीं मिल रही है। महिला मंडल रविनगर की प्रधान धर्मी देवी, नागरिक सभा के सचिव नीरज हांडा, जयकुमार, संजय कुमार और अन्य ने अस्पताल प्रबंधन से लोगों की सुविधा के लिए उचित सुविधा मुहैया करवाने की मांग उठाई गई है।
बॉक्स
अभी कुछ माह पूर्व ही एमसीएच अस्पताल के लिए नया फर्नीचर आया है। इसे मरीज और तीमारदार प्रयोग कर रहे हैं। यदि किसी स्ट्रेचर या व्हील चेयर में दिक्कत आई है तो उसकी शीघ्र ही मरम्मत करवा दी जाएगी।
-डाॅ. धर्म सिंह वर्मा, एमएस, जोनल अस्पताल मंडी

जोनल अस्पताल मंडी मेंं स्ट्रेचर ट्राॅली पर महिला मरीज को वार्ड ले जाते समय स्ट्रेचर ट्रॉली के ट

जोनल अस्पताल मंडी मेंं स्ट्रेचर ट्राॅली पर महिला मरीज को वार्ड ले जाते समय स्ट्रेचर ट्रॉली के ट