{"_id":"6aaa9fa9e11c1516c70d535e","slug":"the-drug-supply-chain-will-be-broken-through-the-joint-participation-of-the-administration-police-and-society-mandi-news-c-90-1-mnd1027-213628-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: प्रशासन, पुलिस और समाज की साझा भागीदारी से टूटेगी नशे की सप्लाई चेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: प्रशासन, पुलिस और समाज की साझा भागीदारी से टूटेगी नशे की सप्लाई चेन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से मंडी में ड्रग डिमांड रिडक्शन, प्रिवेंशन एंड कम्युनिटी एक्शन विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें प्रशासन, पुलिस, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संगठनों और पंचायतों की सामूहिक भूमिका महत्वपूर्ण है।
अभियान के तहत नशे की मांग में कमी लाने, समय पर रोकथाम और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।
विज्ञापन
प्रो. वीना राठौर ने नशे के सामाजिक प्रभावों, डॉ. पवनेश महंत ने नशे के लक्षणों व चिकित्सकीय परामर्श, ब्रह्माकुमारी संगठन से निशान ने सकारात्मक सोच व ध्यान तथा गुंजन संस्था के पंकज पंडित ने सामुदायिक सहभागिता पर बहुमूल्य जानकारी दी।
इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने एनडीपीएस कानून की बारीकियों, सप्लाई चेन को तोड़ने की रणनीतियों और संवेदनशील समूहों की सुरक्षा पर प्रकाश डाला। अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती ने नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवार और समाज की एकजुटता को रेखांकित किया। वहीं जिला कल्याण अधिकारी समीर ने जिले में संचालित नशामुक्त भारत अभियान की गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत किया।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं और हितधारकों की मौजूदगी वाली इस कार्यशाला में नशे की रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और जागरूकता के लिए जमीनी स्तर पर साझा समन्वय से कार्य करने का संकल्प लिया गया।
विज्ञापन
मंडी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से मंडी में ड्रग डिमांड रिडक्शन, प्रिवेंशन एंड कम्युनिटी एक्शन विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें प्रशासन, पुलिस, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संगठनों और पंचायतों की सामूहिक भूमिका महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
अभियान के तहत नशे की मांग में कमी लाने, समय पर रोकथाम और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।
विज्ञापन
प्रो. वीना राठौर ने नशे के सामाजिक प्रभावों, डॉ. पवनेश महंत ने नशे के लक्षणों व चिकित्सकीय परामर्श, ब्रह्माकुमारी संगठन से निशान ने सकारात्मक सोच व ध्यान तथा गुंजन संस्था के पंकज पंडित ने सामुदायिक सहभागिता पर बहुमूल्य जानकारी दी।
इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने एनडीपीएस कानून की बारीकियों, सप्लाई चेन को तोड़ने की रणनीतियों और संवेदनशील समूहों की सुरक्षा पर प्रकाश डाला। अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती ने नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवार और समाज की एकजुटता को रेखांकित किया। वहीं जिला कल्याण अधिकारी समीर ने जिले में संचालित नशामुक्त भारत अभियान की गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत किया।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं और हितधारकों की मौजूदगी वाली इस कार्यशाला में नशे की रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और जागरूकता के लिए जमीनी स्तर पर साझा समन्वय से कार्य करने का संकल्प लिया गया।