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Mandi News: ठैंसर खड्ड ने बहा दी 17 करोड़ की पेयजल योजना
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थुनाग (मंडी)। सराज क्षेत्र की छतरी उपतहसील की ठैंसर खड्ड पर लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से बनी उठाऊ पेयजल योजना 30 जून को आई आपदा से ध्वस्त हो गई है। यह योजना छतरी, ब्रेयोगी, बूंग रैलचौक और काकड़ाधार पंचायतों की 104 बस्तियों के लिए वरदान थी। लगभग नौ हजार की आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होता था। प्राकृतिक आपदा ने इस परियोजना को तहस-नहस कर दिया।
बाढ़ और भूस्खलन के कारण योजना की पाइपलाइनें, टैंक और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इससे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीण जय प्रकाश, उर्वशी, नरेंद्र, मंगत राम, हेमा देवी, शीला और राजकुमार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि आपदा के बाद क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। क्षतिग्रस्त पाइप और लोहे के उपकरण चोरी होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चोरी के कारण नुकसान और बढ़ गया है।
प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा। बीडीसी सदस्य बिहारी लाल ने बताया कि इस योजना के ध्वस्त होने से हजारों लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों को दूरदराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। स्थानीय लोग सरकार से तत्काल योजना को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने जांच और मरम्मत के आश्वासन दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। जल शक्ति विभाग थुनाग मंडल के अधिशासी अभियंता संदीपकांत शर्मा ने बताया कि योजना को नुकसान पहुंचा है। इसकी मरम्मत का प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसका पुनर्निर्माण किया जाएगा। संवाद
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बाढ़ और भूस्खलन के कारण योजना की पाइपलाइनें, टैंक और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इससे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीण जय प्रकाश, उर्वशी, नरेंद्र, मंगत राम, हेमा देवी, शीला और राजकुमार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि आपदा के बाद क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। क्षतिग्रस्त पाइप और लोहे के उपकरण चोरी होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चोरी के कारण नुकसान और बढ़ गया है।
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प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा। बीडीसी सदस्य बिहारी लाल ने बताया कि इस योजना के ध्वस्त होने से हजारों लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों को दूरदराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। स्थानीय लोग सरकार से तत्काल योजना को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने जांच और मरम्मत के आश्वासन दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। जल शक्ति विभाग थुनाग मंडल के अधिशासी अभियंता संदीपकांत शर्मा ने बताया कि योजना को नुकसान पहुंचा है। इसकी मरम्मत का प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसका पुनर्निर्माण किया जाएगा। संवाद
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