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तकनीकी कर्मचारियों की कमी से प्रभावित हो रही बिजली आपूर्ति
मंडी
Updated Sat, 06 Aug 2016 10:25 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद कनिष्ठ अभियंता एवं अतिरिक्त सहायक अभियंता संघ के प्रदेशाध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने बिजली बोर्ड में कनिष्ठ अभियंता और तकनीकी कर्मचारियों की अत्यधिक कमी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण प्रदेश में बिजली की सुचारु आपूर्ति देने में बिजली बोर्ड असमर्थ है। बोर्ड बिजली नियामक आयोग और बिजली एक्ट के तहत निर्धारित संवैधानिक मापदंडों का भी पालन नहीं कर पा रहा है।
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शनिवार को सुंदरनगर में विद्युत परिषद कनिष्ठ अभियंता एवं अतिरिक्त सहायक अभियंता संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक लेक व्यू में प्रधान बुद्धि सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेश के सभी 15 जोन के पदाधिकारियों के साथ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों ने शिरकत की। बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश विद्युत बोर्ड में वर्तमान में कनिष्ठ अभियंता के लगभग 400 पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण इन विकट परिस्थितियों में कनिष्ठ अभियंताओं को 2-3 अनुभागों का कार्य निपटाना पड़ता है, जो कि चुनौतीपूर्ण समस्या है। इसके साथ-साथ बिजली बोर्ड में बिजली उपकरणों के दिन प्रतिदिन के रख-रखाव के सामान की अत्यधिक कमी है।
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उपकरणों की कमी के कारण एक ओर कनिष्ठ अभियंता उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली की सुविधा नहीं दे पा रहे हैं, दूसरी तरफ बिजली बोर्ड को ट्रांसफार्मरों के लगातार खराब होने और बिजली की लाइनों के टूटने से वित्तीय घाटा सहन करना पड़ रहा हैं। अधिकारियों से आह्वान किया कि समय-समय पर उच्च गुणवत्ता का सामान फील्ड में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की दुर्घटनाओं पर चिंता जताई गई। सभी सदस्यों ने कर्मचारियों की कमी के कारण उन पर अत्यधिक दबाव, सुरक्षा उपकरणों की फील्ड में भारी कमी व सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन न करना इन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताया है। इस मौके पर प्रदेश महासचिव सुरेश शर्मा, मनोहर लाल, हरेन्द्र ठाकुर, प्रवेश ठाकुर, केहर सिंह कश्यप, एमएल बंसल, ललित कौशल, संत राम, धर्मेन्द्र शर्मा, अदालत सिंह, गुलाब सिंह, केसी भारती, राम सिंह, दीपक चौह़ान व रेवती रमन शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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आउटसोर्सिंग से उपभोक्ताओं और कर्मचारियों का शोषण
संघ की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित कर बोर्ड से मांग की गई है कि अनुबंध कनिष्ठ अभियंताओं की ग्रेड पे में बढ़ोतरी जल्द से जल्द की जाए, जोकि सरकारी विभागों में लंबे समय से लागू हैं। जेई व एएई को पंजाब बिजली बोर्ड के समान दिन प्रतिदिन के कार्य के लिए मिलने वाले 30 लीटर पेट्रोल प्रतिमाह देने के आदेश को लागू किया जाए। पंजाब बिजली बोर्ड की ओर से जेई वर्ग को दिए गए समयबद्ध प्रमोशनल स्केल को अविलंब लागू किया जाए। जेई और एएई संघ ने बिजली बोर्ड में लागू आउटसोर्सिंग की वर्तमान नीति का भी पूर्ण विरोध किया है। संघ का मानना है कि इस नीति की वजह से ठेकेदार फायदा उठा रहे हैं और काम करने वाले मजदूर कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। आउटसोर्सिंग को तुरंत बंद किया जाए।