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एमसी क्षेत्र की बावड़ियों का सर्वे शुरू
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नेला वार्ड के लांगणी में सर्वेक्षण करती जलशक्ति विभाग की टीम।
- फोटो : Mandi
मंडी। जलशक्ति विभाग के सर्वेयर की संयुक्त टीम ने नगर निगम के वार्डों में प्रमुख बावड़ियों का निरीक्षण करना शुरू कर दिया गया है। नगर निगम के प्रस्ताव के मुताबिक इन बावड़ियों का जीर्णोद्धार होगा। हालांकि इससे पूर्व इन प्राकृतिक जलस्रोतों के सैंपलों की जांच की जाएगी।
रिपोर्ट सही पाए जाने पर जलस्रोतों को प्राचीन स्वरूप में संवारा जाएगा। बावड़ियों के पास बैठने योग्य स्थान भी तैयार किया जाएगा। निगम के अधीन आने वाली 15 बावड़ियों का निरीक्षण कनिष्ठ अभियंता की अध्यक्षता में टीम कर रही है।
अन्य बावड़ियों का निरीक्षण भी जारी है। एस्टीमेट तैयार कर निगम को दिया जाएगा। उसके बाद बावड़ियों को इस तरह संवारा जाएगा कि आने वाले 20 साल तक पानी साफ रहे। सहायक अभियंता भानु प्रताप ने बताया कि 13 वार्डों की 57 बावड़ियों का निरीक्षण किया जा चुका है।
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अब इन स्रोतों का दूसरे चरण का सर्वेक्षण कर जल को प्रयोग शाला में टेस्ट किया जाएगा। इन बावड़ियों की मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार होगा, उसी के बाद नगर निगम बजट उपलब्ध करवाएगा। निर्माण कार्य के दौरान पानी के मूल स्रोत के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। स्रोत की सुरक्षा के लिए नालियों आदि का निर्माण किया जाएगा।
सुहड़ा और नेला वार्डों में भी सर्वे का काम पूरा कर लिया है। अन्य वार्डों में जारी है।
अधिशासी अभियंता विवेक हाजरी ने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता को देखते हुए विभाग ने कनिष्ठ अभियंता और तीन सर्वेयरों को बावड़ियों का प्राक्कलन बनाने के लिए कार्य सौंपा है। 15 दिन के भीतर प्राक्कलन तैयार कर नगर निगम को सौंप दिया जाएगा।
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रिपोर्ट सही पाए जाने पर जलस्रोतों को प्राचीन स्वरूप में संवारा जाएगा। बावड़ियों के पास बैठने योग्य स्थान भी तैयार किया जाएगा। निगम के अधीन आने वाली 15 बावड़ियों का निरीक्षण कनिष्ठ अभियंता की अध्यक्षता में टीम कर रही है।
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अन्य बावड़ियों का निरीक्षण भी जारी है। एस्टीमेट तैयार कर निगम को दिया जाएगा। उसके बाद बावड़ियों को इस तरह संवारा जाएगा कि आने वाले 20 साल तक पानी साफ रहे। सहायक अभियंता भानु प्रताप ने बताया कि 13 वार्डों की 57 बावड़ियों का निरीक्षण किया जा चुका है।
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अब इन स्रोतों का दूसरे चरण का सर्वेक्षण कर जल को प्रयोग शाला में टेस्ट किया जाएगा। इन बावड़ियों की मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार होगा, उसी के बाद नगर निगम बजट उपलब्ध करवाएगा। निर्माण कार्य के दौरान पानी के मूल स्रोत के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। स्रोत की सुरक्षा के लिए नालियों आदि का निर्माण किया जाएगा।
सुहड़ा और नेला वार्डों में भी सर्वे का काम पूरा कर लिया है। अन्य वार्डों में जारी है।
अधिशासी अभियंता विवेक हाजरी ने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता को देखते हुए विभाग ने कनिष्ठ अभियंता और तीन सर्वेयरों को बावड़ियों का प्राक्कलन बनाने के लिए कार्य सौंपा है। 15 दिन के भीतर प्राक्कलन तैयार कर नगर निगम को सौंप दिया जाएगा।