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Mandi News: बर्फबारी बागवानों के लिए संजीवनी, सेब बगीचों में चिलिंग आवर्स शुरू
Thu, 26 Dec 2024 05:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 26 Dec 2024 05:55 AM IST
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मंडी/गोहर। ताजा बर्फबारी ने मंडी जिला के सेब बगीचों में चिलिंग आवर्स की शुरुआत कर दी है। इससे बागवानों में बंपर फसल की उम्मीद बढ़ गई है। बर्फबारी ने सेब बगीचों में कीड़ों और बीमारियों का खात्मा कर बागवानों को राहत दी है। इससे जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों में हजारों बागवानों में खुशी की लहर है।
वहीं, गेहूं, जौ, मटर, आलू और लहसुन की फसलों के लिए बारिश वरदान साबित हुई है। किसानों ने लंबे समय बाद हुई इस बारिश को फायदेमंद बताया है। बागवान दीवान चंद, मुरारी लाल, दीना नाथ, चंद्रमणी समेत अन्य किसानों ने बताया कि ताजा बर्फबारी से सेब और रबी की फसलों को नई ऊर्जा मिली है। इससे कृषि और बागवानी क्षेत्र में बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।
उधर, जिले में बिना बारिश के बोई गई गेहूं की फसल अब पीली पड़ने लगी है, जिससे किसानों में फसल खराब होने की चिंता बढ़ गई है। अब कृषि विभाग ने बारिश होने के बाद किसानों के लिए सलाह जारी की है। विभाग ने कहा कि खेतों में यूरिया खाद डालने से फसल में सुधार हो सकता है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां भी अब जमीन में नमी के कारण गेहूं की बिजाई संभव है।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक आरसी चौधरी ने बताया कि जिन किसानों ने बिना नमी के गेहूं बोई थी, उनकी फसल कमजोर रह गई है। किसान लेट वैरायटी के बीज की बिजाई करें। विभागीय विक्रय केंद्रों पर यह बीज उपलब्ध हैं।
धर्मपुर में 40 फीसदी किसानों ने नहीं की बिजाई
धर्मपुर। उपमंडल धर्मपुर में अब भी 40 फीसदी किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर सके हैं। धर्मपुर क्षेत्र में 90% खेती बारिश पर निर्भर है, और पर्याप्त वर्षा न होने से नकदी फसलों की बिजाई भी प्रभावित हुई है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद ने बताया कि हालिया वर्षा पर्याप्त नहीं है, लेकिन यदि एक सप्ताह के भीतर चार इंच तक पानी बरसता है, तो यह किसानों के लिए लाभदायक होगा। किसान हेम सिंह, बिहारी लाल और अन्य ने कहा कि वर्षा की कमी के कारण बिजाई का काम अधूरा है। यदि बारिश होती है, तो किसान अपने खेतों में गेहूं और नकदी फसलों की बिजाई कर सकेंगे।
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वहीं, गेहूं, जौ, मटर, आलू और लहसुन की फसलों के लिए बारिश वरदान साबित हुई है। किसानों ने लंबे समय बाद हुई इस बारिश को फायदेमंद बताया है। बागवान दीवान चंद, मुरारी लाल, दीना नाथ, चंद्रमणी समेत अन्य किसानों ने बताया कि ताजा बर्फबारी से सेब और रबी की फसलों को नई ऊर्जा मिली है। इससे कृषि और बागवानी क्षेत्र में बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।
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उधर, जिले में बिना बारिश के बोई गई गेहूं की फसल अब पीली पड़ने लगी है, जिससे किसानों में फसल खराब होने की चिंता बढ़ गई है। अब कृषि विभाग ने बारिश होने के बाद किसानों के लिए सलाह जारी की है। विभाग ने कहा कि खेतों में यूरिया खाद डालने से फसल में सुधार हो सकता है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां भी अब जमीन में नमी के कारण गेहूं की बिजाई संभव है।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक आरसी चौधरी ने बताया कि जिन किसानों ने बिना नमी के गेहूं बोई थी, उनकी फसल कमजोर रह गई है। किसान लेट वैरायटी के बीज की बिजाई करें। विभागीय विक्रय केंद्रों पर यह बीज उपलब्ध हैं।
धर्मपुर में 40 फीसदी किसानों ने नहीं की बिजाई
धर्मपुर। उपमंडल धर्मपुर में अब भी 40 फीसदी किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर सके हैं। धर्मपुर क्षेत्र में 90% खेती बारिश पर निर्भर है, और पर्याप्त वर्षा न होने से नकदी फसलों की बिजाई भी प्रभावित हुई है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद ने बताया कि हालिया वर्षा पर्याप्त नहीं है, लेकिन यदि एक सप्ताह के भीतर चार इंच तक पानी बरसता है, तो यह किसानों के लिए लाभदायक होगा। किसान हेम सिंह, बिहारी लाल और अन्य ने कहा कि वर्षा की कमी के कारण बिजाई का काम अधूरा है। यदि बारिश होती है, तो किसान अपने खेतों में गेहूं और नकदी फसलों की बिजाई कर सकेंगे।

सिरोही। समीपवर्ती आवल गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन हुआ।