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Mandi News: शहर में अब तक 21 हजार घरों में लगाए गए स्मार्ट मीटर
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जिलेभर में लगाए जाएंगे 3.80 लाख मीटर
विरोध के बीच जागरूकता से अब आसान होने लगा मीटर लगाने का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। विद्युत मंडल मंडी के तहत आने वाले तीनों विद्युत उपमंडलों में अब तक 21 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। शुरुआत में स्मार्ट मीटर को लेकर सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार किया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के मन में कई तरह की शंकाएं थीं और लोग इसका विरोध भी कर रहे थे। बाद में प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड द्वारा लोगों को जागरूक किया गया।
विद्युत बोर्ड निजी कंपनी के सहयोग से मंडी जिले में कुल 3.80 लाख स्मार्ट मीटर लगाने जा रहा है। प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों के पोस्टपेड मीटर बदलकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। बोर्ड के अनुसार प्रीपेड प्रणाली लागू होने से बिजली खपत पर नियंत्रण रहेगा और उपभोक्ताओं को मौजूदा व्यवस्था की तुलना में करीब डेढ़ फीसदी तक सस्ती बिजली मिलेगी।
दूसरे चरण में औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं के मीटर बदले जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग के लिए पहले रिचार्ज कराना होगा। जितनी राशि का रिचार्ज होगा, उतनी ही बिजली इस्तेमाल की जा सकेगी। रिचार्ज समाप्त होते ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी। इससे अनावश्यक बिजली खपत पर रोक लगेगी और बकाया बिल की समस्या भी खत्म होगी। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके स्मार्ट मीटर को प्रीपेड नहीं किया जाएगा।
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कोट
स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि उपभोक्ता मोबाइल एप के माध्यम से अपनी रोजाना बिजली खपत पर नजर रख सकेंगे। किस समय कितनी बिजली खर्च हुई, इसकी पूरी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी। -अरुण शर्मा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत मंडल मंडी
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विरोध के बीच जागरूकता से अब आसान होने लगा मीटर लगाने का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। विद्युत मंडल मंडी के तहत आने वाले तीनों विद्युत उपमंडलों में अब तक 21 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। शुरुआत में स्मार्ट मीटर को लेकर सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार किया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के मन में कई तरह की शंकाएं थीं और लोग इसका विरोध भी कर रहे थे। बाद में प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड द्वारा लोगों को जागरूक किया गया।
विद्युत बोर्ड निजी कंपनी के सहयोग से मंडी जिले में कुल 3.80 लाख स्मार्ट मीटर लगाने जा रहा है। प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों के पोस्टपेड मीटर बदलकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। बोर्ड के अनुसार प्रीपेड प्रणाली लागू होने से बिजली खपत पर नियंत्रण रहेगा और उपभोक्ताओं को मौजूदा व्यवस्था की तुलना में करीब डेढ़ फीसदी तक सस्ती बिजली मिलेगी।
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दूसरे चरण में औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं के मीटर बदले जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग के लिए पहले रिचार्ज कराना होगा। जितनी राशि का रिचार्ज होगा, उतनी ही बिजली इस्तेमाल की जा सकेगी। रिचार्ज समाप्त होते ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी। इससे अनावश्यक बिजली खपत पर रोक लगेगी और बकाया बिल की समस्या भी खत्म होगी। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके स्मार्ट मीटर को प्रीपेड नहीं किया जाएगा।
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स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि उपभोक्ता मोबाइल एप के माध्यम से अपनी रोजाना बिजली खपत पर नजर रख सकेंगे। किस समय कितनी बिजली खर्च हुई, इसकी पूरी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी। -अरुण शर्मा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत मंडल मंडी