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Mandi News: एमसीएच में मरीज के बेड पर बैठे तो लगेगा 500 रुपये जुर्माना
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मंडी। मातृ शिशु अस्पताल (एमसीएच) में अगर तीमारदार मरीज के बेड पर बैठे तो जुर्माना लगेगा। यह जुर्माना 500 रुपये तक हो सकता है। अस्पताल प्रबंधन ने नियम को सख्ती से लागू कर दिया है। यह निर्णय हाइड्रोलिक बेड को हो रहे नुकसान और संक्रमण के खतरे को देखते हुए लिया गया है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन हर मरीज के बेड पर तीमारदार को बैठने के लिए स्टूल का प्रबंध किया है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से सभी वार्डों में बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रत्येक बेड के साथ तीमारदार को बैठने के लिए एक स्टूल उपलब्ध करवाया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति बेड पर न बैठे। साथ ही तीमारदारों को जागरूक करने के लिए वार्डों और दीवारों पर सूचना नोटिस भी लगाए गए हैं।
अस्पताल में मरीजों के लिए आधुनिक तकनीक से बने हाइड्रोलिक बेड लगाए गए हैं। इन पर क्षमता से अधिक वजन पड़ने के कारण वह बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इनकी मरम्मत न केवल कठिन है बल्कि इसमें अधिक खर्च भी आता है। इसके अलावा बेड पर अतिरिक्त लोगों के बैठने से संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी रहती है।
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प्रबंधन की ओर से वार्डों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है। फिलहाल नियम तोड़ने वालों को डांटकर जागरूक किया जा रहा है, लेकिन यदि इसके बाद भी लापरवाही सामने आई तो जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था बनाए रखने और मरीजों की सुविधा के लिए सख्ती जरूरी है।
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि रोगी वार्डों में एक समय में केवल एक ही तीमारदार मरीज के पास जाए और अस्पताल की संपत्ति को अपनी समझकर उसका संरक्षण करे।
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हर बेड के साथ एक स्टूल की व्यवस्था रहती है। तीमारदार इसमें बैठें। रोगियों की सुविधा और बेड सुरक्षित रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। जनहित में लगातार अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार सुधार भी किया जा रहा है ताकि मरीजों को दिक्कतें पेश न आएं।
-डॉ. दिनेश ठाकुर, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी
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अस्पताल प्रबंधन की ओर से सभी वार्डों में बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रत्येक बेड के साथ तीमारदार को बैठने के लिए एक स्टूल उपलब्ध करवाया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति बेड पर न बैठे। साथ ही तीमारदारों को जागरूक करने के लिए वार्डों और दीवारों पर सूचना नोटिस भी लगाए गए हैं।
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अस्पताल में मरीजों के लिए आधुनिक तकनीक से बने हाइड्रोलिक बेड लगाए गए हैं। इन पर क्षमता से अधिक वजन पड़ने के कारण वह बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इनकी मरम्मत न केवल कठिन है बल्कि इसमें अधिक खर्च भी आता है। इसके अलावा बेड पर अतिरिक्त लोगों के बैठने से संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी रहती है।
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प्रबंधन की ओर से वार्डों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है। फिलहाल नियम तोड़ने वालों को डांटकर जागरूक किया जा रहा है, लेकिन यदि इसके बाद भी लापरवाही सामने आई तो जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था बनाए रखने और मरीजों की सुविधा के लिए सख्ती जरूरी है।
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि रोगी वार्डों में एक समय में केवल एक ही तीमारदार मरीज के पास जाए और अस्पताल की संपत्ति को अपनी समझकर उसका संरक्षण करे।
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हर बेड के साथ एक स्टूल की व्यवस्था रहती है। तीमारदार इसमें बैठें। रोगियों की सुविधा और बेड सुरक्षित रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। जनहित में लगातार अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार सुधार भी किया जा रहा है ताकि मरीजों को दिक्कतें पेश न आएं।
-डॉ. दिनेश ठाकुर, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी
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