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Mandi News: सिंगल यूज प्लास्टिक... शहर से गांव तक बन गए पहाड़, निष्पादन का नहीं प्रावधान

Thu, 16 Jan 2025 05:02 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Thu, 16 Jan 2025 05:02 AM IST
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Single use plastic... mountains have formed from city to village, no provision for disposal
जोगिंद्रनगर की 55 पंचायतों में अभी भी रिसाइकलिंग और निष्पादन की व्यवस्था नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के करीब पांच साल बाद भी इसके निष्पादन को लेकर पंचायतों और अर्बन क्षेत्रों में कोई प्रावधान नहीं है। इस कारण शहरों से लेकर गांव तक प्लास्टिक के पहाड़ बनने जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
विकास खंड चौंतड़ा और द्रंग की 56 पंचायतों में इसका निष्पादन वैज्ञानिक ढंग से होने के इंतजाम अधूरे हैं। ऐसे में रात के अंधेरे में कुछ जगहों पर सिंगल यूज प्लास्टिक के ढेर आग के हवाले भी किए जा रहे हैं। जबकि कुछ स्थानों पर इसके ढेर लोगों का मुंह चिढ़ा रहे हैं।
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जोगिंद्रनगर शहरी क्षेत्र में भी इसके निष्पादन की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। हर रोज क्विंटलों के हिसाब से एकत्रित हो रहे प्लास्टिक कचरे को ठिकाने लगाने के लिए कई किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है। स्वच्छता में देशभर में अव्वल रह चुकी विकास खंड चौंतड़ा की खद्दर पंचायत में भी प्लास्टिक कचरे का निस्तारण शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, मंडी- पठानकोट हाईवे के साथ लगती दस से अधिक पंचायतों में भी प्लास्टिक कचरे का निस्तारण के लिए यह प्रकिया अभी भी अधर में लटकी हुई है।
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इधर, नगर परिषद जोगिंद्रनगर के शहरी क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के एकत्रीकरण के लिए कुछ चिह्नित केंद्रों में इसे 75 रुपये प्रति किलो खरीदने की व्यवस्था कर रखी है, जिसे स्थानीय निकाय के माध्यम से सीमेंट फैक्टरियों में भेजा जा रहा है। हर रोज निकल रहे चार से पांच क्विंटल सिंगल यूज प्लास्टिक का निष्पादन शुरू नहीं हो पाया है। स्वच्छ भारत मिशन में बतौर समन्वयक कार्य कर रहे अमित कुमार ने बताया कि जिलाभर के नगर परिषद और पंचायतों को सिंगल यूज प्लास्टिक खरीदने की हिदायत दी गई है ताकि इसका निष्पादन वैज्ञानिक ढंग से हो पाए। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी आदित्य चौहान ने बताया कि हर रोज चार से पांच क्विंटल प्लास्टिक कचरा एकत्रित हो रहा है।

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पस्सल में वैज्ञानिक ढंग से निष्पादन की नहीं व्यवस्था
ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक के वैज्ञानिक ढंग से निष्पादन के लिए विकास खंड चौंतड़ा में स्थापित पहले पस्सल स्थित संयंत्र में व्यवस्था नहीं है। यहां पर केवल मंडी-पठानकोट हाईवे से सटी पंचायतों का ही सिंगल यूज प्लास्टिक एकत्रित किया जा रहा है। वहीं, अन्य पंचायतों से हर रोज निकल रहे 20 से 25 क्विंटल सिंगल यूज प्लास्टिक का निष्पादन नियमों के विपरीत हो रहा है। उधर, कार्यकारी विकास खंड अधिकारी पंकज ने बताया कि कलस्टर स्तर पर सिंगल यूज प्लास्टिक के एकत्रीकरण के बाद अब वैज्ञानिक ढंग से निष्पादन करने की योजना तैयार कर ली गई है।
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