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कबाड़ को दिया आकार, अब हो रही आमदनी
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जोगिंद्रनगर मेले में कबाड़ से तैयार किए सजावटी सामान का लगा स्टाल।
- फोटो : Mandi
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर के राज्य स्तरीय मेले में लगी प्रदर्शनी में कबाड़ से बना सजावट का सामान हाथोंहाथ ही बिक नहीं रहा बल्कि लोग देख कर हैरान भी हो रहे हैं। जोगिंद्रनगर के लदरूहीं निवासी गीतांजलि ने प्रदर्शनी में स्टाल लगाया है। इसमें कबाड़ को आकार देकर उसे सजावट का रूप दिया है। इसे देख लोग दंग रह रहे हैं।
गीतांजलि जिला मंडी में खाद्य सामग्री की आपूर्ति की वितरक भी है। हिमाचल में कई प्रकार की वस्तुओं की थोक विक्रेता भी हैं। उन्हें बेकार सामान से सजावट का सामान बनाना बेहद अच्छा लगता है। बेड साइड लैंप आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
गीतांजलि ने इसे कांच की बोतल से तैयार किया है। जैम आदि के खाली जार को कैंडल बनाकर बिक्री के लिए रखा है। गीतांजलि की कैंडल महज 50 रुपये तक भी उपलब्ध हैं। कांच की बोतलों पर नक्काशी कर ऐसे तराशा गया है, जिसे हर कोई पसंद कर रहा है।
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उनकी ओर से तैयार साजो सजावट का सामान देश के कोने-कोने तक पहुंच सके, इसके लिए उन्होंने गीतांजलि आर्ट कलेक्शन के नाम से एक वेबसाइट भी बना रखी है। यहां पर एक क्लिक से आकर्षक सामान की जानकारी मिल जाती है। कहा कि इस प्रोफेशन को आमदनी के लिए नहीं बल्कि क्षेत्र की युवा पीढ़ी को रोजगार के आयाम स्थापित करने के लिए चुना है।
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गीतांजलि जिला मंडी में खाद्य सामग्री की आपूर्ति की वितरक भी है। हिमाचल में कई प्रकार की वस्तुओं की थोक विक्रेता भी हैं। उन्हें बेकार सामान से सजावट का सामान बनाना बेहद अच्छा लगता है। बेड साइड लैंप आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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गीतांजलि ने इसे कांच की बोतल से तैयार किया है। जैम आदि के खाली जार को कैंडल बनाकर बिक्री के लिए रखा है। गीतांजलि की कैंडल महज 50 रुपये तक भी उपलब्ध हैं। कांच की बोतलों पर नक्काशी कर ऐसे तराशा गया है, जिसे हर कोई पसंद कर रहा है।
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उनकी ओर से तैयार साजो सजावट का सामान देश के कोने-कोने तक पहुंच सके, इसके लिए उन्होंने गीतांजलि आर्ट कलेक्शन के नाम से एक वेबसाइट भी बना रखी है। यहां पर एक क्लिक से आकर्षक सामान की जानकारी मिल जाती है। कहा कि इस प्रोफेशन को आमदनी के लिए नहीं बल्कि क्षेत्र की युवा पीढ़ी को रोजगार के आयाम स्थापित करने के लिए चुना है।