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Mandi News: पेंशन न मिलने पर एचआरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों में आक्रोश
Tue, 16 Jul 2024 05:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Tue, 16 Jul 2024 05:33 AM IST
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मंडी। एचआरटीसी मंडी के पेंशनर्स जुलाई माह की पेंशन अभी तक न मिलने पर भड़क गए हैं। इसे लेकर एचआरटीसी पेंशनर्स कल्याण संगठन मंडी इकाई ने वरिष्ठ नागरिक भवन में अध्यक्ष केडी अवस्थी की अध्यक्षता में बैठक की और आगे की रणनीति तैयार की। बैठक में लगातार दूसरे माह पेंशन अदायगी में देरी पर रोष प्रकट किया।
पेंशनर्स ने कहा कि निगम ने अपने कर्मियों को वेतन समय पर दे दिया है लेकिन उन्हें पेंशन देने में देरी की जा रही है। उन्होंने हैरानी जताते कहा कि जून में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में हर माह वेतन और पेंशन के लिए 63 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया गया, जबकि इस मद के लिए निगम को हर माह 68.5 करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि प्रबंधन इसे लेकर अपना पक्ष सही ढंग से नहीं रख सका है। यही वजह है कि पेंशनर्स की पेंशन पर संकट के बादल छा गए हैं। बुजुर्गों पेंशनरों को बैंक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से संज्ञान लेने की मांग की और कहा कि पेंशनर्स को पेंशन के लिए हर माह 25 करोड़ रुपये की राशि अलग से जारी की जाए।
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पेंशनर्स ने कहा कि सरकारी पेंशनरों को 2016 से संशोधित वेतनमान के बाकी बचे पेंशन एरियर की दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया गया है, लेकिन निगम अपने पेंशनर्स को 2 वर्षों से लंबित पहली किस्त की अदायगी नहीं कर रहा है। उन्होंने तुरंत दोनों किस्तों के भुगतान की मांग उठाई। पेंशनर्स ने कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं के निवारण के लिए संगठन के साथ बैठक आयोजित कर करें अन्यथा सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करना पड़ेगा। बैठक में प्रधान अनूप कपूर, महासचिव रोशन लाल कटोच समेत अन्य मौजूद रहे।
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पेंशनर्स ने कहा कि निगम ने अपने कर्मियों को वेतन समय पर दे दिया है लेकिन उन्हें पेंशन देने में देरी की जा रही है। उन्होंने हैरानी जताते कहा कि जून में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में हर माह वेतन और पेंशन के लिए 63 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया गया, जबकि इस मद के लिए निगम को हर माह 68.5 करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है।
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उन्होंने कहा कि प्रबंधन इसे लेकर अपना पक्ष सही ढंग से नहीं रख सका है। यही वजह है कि पेंशनर्स की पेंशन पर संकट के बादल छा गए हैं। बुजुर्गों पेंशनरों को बैंक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से संज्ञान लेने की मांग की और कहा कि पेंशनर्स को पेंशन के लिए हर माह 25 करोड़ रुपये की राशि अलग से जारी की जाए।
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पेंशनर्स ने कहा कि सरकारी पेंशनरों को 2016 से संशोधित वेतनमान के बाकी बचे पेंशन एरियर की दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया गया है, लेकिन निगम अपने पेंशनर्स को 2 वर्षों से लंबित पहली किस्त की अदायगी नहीं कर रहा है। उन्होंने तुरंत दोनों किस्तों के भुगतान की मांग उठाई। पेंशनर्स ने कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं के निवारण के लिए संगठन के साथ बैठक आयोजित कर करें अन्यथा सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करना पड़ेगा। बैठक में प्रधान अनूप कपूर, महासचिव रोशन लाल कटोच समेत अन्य मौजूद रहे।