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Mandi News: बारिश, बर्फबारी से मटर, गेहूं की फसल में आई जान
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जोगिंद्रनगर उपमंडल के ढेलू में किसानों की उपजाउ भूमि में रोपी गई गेहूं की फसल। स्रोत जागरूक पाठ
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जनवरी में हल्की बारिश और बर्फबारी से मटर एवं गेहूं की फसल में जान आ गई है। करीब चार माह से सूखे जैसे हालात से किसानों की फसलों पर बुरा असर पड़ रहा था।
चौहारघाटी में रबी की फसलों के अलावा मटर की फसल के लिए भी बारिश अच्छी खबर लेकर आई है। सैकड़ों हेक्टेयर भूमि पर किसानों ने बुवाई कर रखी थी। बारिश से अब फसल बेहतर होगी। गेहूं की फसल के लिए भी बारिश अच्छी है। चौहार घाटी के सुधार, लोहारड़ी, बरोट, लपास और मुल्थान में मटर की खेती ज्यादा होती है। किसान लाखों का व्यापार कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ करते हैं।
अक्तूबर से नवंबर के बीच मटर की बुआई के बाद किसान तीन माह से बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब जनवरी में हुई बारिश से किसानों के चेहरे में भी खुशी की लहर दौड़ आई है।
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उधर, कृषि विभाग जोगिंद्रनगर के विषयवाद विशेषज्ञ पूर्ण चंद ने बताया कि करीब चार माह के लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश किसानों की फसलों के लिए राहत बनी है। संवाद
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चौहारघाटी में रबी की फसलों के अलावा मटर की फसल के लिए भी बारिश अच्छी खबर लेकर आई है। सैकड़ों हेक्टेयर भूमि पर किसानों ने बुवाई कर रखी थी। बारिश से अब फसल बेहतर होगी। गेहूं की फसल के लिए भी बारिश अच्छी है। चौहार घाटी के सुधार, लोहारड़ी, बरोट, लपास और मुल्थान में मटर की खेती ज्यादा होती है। किसान लाखों का व्यापार कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ करते हैं।
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अक्तूबर से नवंबर के बीच मटर की बुआई के बाद किसान तीन माह से बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब जनवरी में हुई बारिश से किसानों के चेहरे में भी खुशी की लहर दौड़ आई है।
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उधर, कृषि विभाग जोगिंद्रनगर के विषयवाद विशेषज्ञ पूर्ण चंद ने बताया कि करीब चार माह के लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश किसानों की फसलों के लिए राहत बनी है। संवाद