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फोरलेन के किनारे तलाशी जाएं आउटलेट की संभावनाएं : अपूर्व
Wed, 04 Sep 2024 05:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 04 Sep 2024 05:42 AM IST
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मंडी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि मंडी जिला में किरतपुर-मनाली फोरलेन के किनारे आउटलेट खोलने की संभावनाएं तलाशी जाएं, ताकि स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए रखा जा सके। वह मंगलवार को जिला सहकारी विकास समिति की बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मंडी जिला के स्थानीय उत्पादों की मांडव नाम से मार्केटिंग की जा रही है, लेकिन यह उत्पाद ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। उत्पाद मेलों या स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो पा रहे हैं। ऐसे में इन उत्पादों की मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म विकसित करना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला सहकारी विकास समिति सहकारी सभाएं बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें, ताकि सहकारिता के माध्यम से लोगों को आर्थिक गतिविधियों के साथ जोड़ा जा सके। वर्तमान में मंडी जिला में प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी सेवाएं 238, डेयरी सहकारी सेवाएं 205 और मत्स्य सहकारी सेवाएं पांच पंजीकृत हैं।
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बैठक में जिला सहकारी विकास समिति के संयोजक सहायक पंजीयक, सहकारी सभाएं मंडी बिक्रम जीत, सदस्य उपनिदेशक पशुपालन डा. अतुल पुरी, सहायक निदेशक मत्स्य पालन नीतू सिंह, डीडीएम नाबार्ड राकेश वर्मा व अन्य मौजूद रहे।
मत्स्य पालन में रोजगार की अपार संभावनाएं
उपायुक्त ने कहा कि जिला में मत्स्य पालन में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों के साथ समिति के सदस्यों से कहा कि वे मत्स्य पालन कर रहे लोगों को सहकारी सभाओं के साथ जोड़ें और उन्हें मछली से बनने वाले परंपरागत उत्पादों के बजाय अलग से नए खाद्य उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित करें, ताकि उत्पादों की बिक्री आसानी से हो सके।
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उन्होंने कहा कि मंडी जिला के स्थानीय उत्पादों की मांडव नाम से मार्केटिंग की जा रही है, लेकिन यह उत्पाद ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। उत्पाद मेलों या स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो पा रहे हैं। ऐसे में इन उत्पादों की मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म विकसित करना चाहिए।
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उपायुक्त ने कहा कि जिला सहकारी विकास समिति सहकारी सभाएं बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें, ताकि सहकारिता के माध्यम से लोगों को आर्थिक गतिविधियों के साथ जोड़ा जा सके। वर्तमान में मंडी जिला में प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी सेवाएं 238, डेयरी सहकारी सेवाएं 205 और मत्स्य सहकारी सेवाएं पांच पंजीकृत हैं।
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बैठक में जिला सहकारी विकास समिति के संयोजक सहायक पंजीयक, सहकारी सभाएं मंडी बिक्रम जीत, सदस्य उपनिदेशक पशुपालन डा. अतुल पुरी, सहायक निदेशक मत्स्य पालन नीतू सिंह, डीडीएम नाबार्ड राकेश वर्मा व अन्य मौजूद रहे।
मत्स्य पालन में रोजगार की अपार संभावनाएं
उपायुक्त ने कहा कि जिला में मत्स्य पालन में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों के साथ समिति के सदस्यों से कहा कि वे मत्स्य पालन कर रहे लोगों को सहकारी सभाओं के साथ जोड़ें और उन्हें मछली से बनने वाले परंपरागत उत्पादों के बजाय अलग से नए खाद्य उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित करें, ताकि उत्पादों की बिक्री आसानी से हो सके।