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Mandi News: अवार्ड को चुनौती देने में देरी माफी की याचिका खारिज
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मंडी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंडी की अदालत ने आवेदकों की ओर से दायर देरी माफी की अर्जी को खारिज कर दिया है। आवेदक परिवार निर्मला, अनीता, इंदरजीत, सुरेंद्र सिंह और दुर्गी निवासी कुल्लू ने अवार्ड 5 अक्तूबर 2023 को चुनौती देने के लिए मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम 1996 की धारा 34 के तहत याचिका दायर की है।
आवेदकों का कहना था कि उन्हें अवार्ड की जानकारी बाद में मिली और 5 फरवरी 2024 को ही इसकी हस्ताक्षरित प्रति प्राप्त हुई। उन्होंने देरी होने के संबंध में कारण भी प्रस्तुत किए। वहीं, एनएचएआई की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि आवेदकों को अवार्ड की जानकारी पहले से थी और याचिका निर्धारित समय सीमा से 39 दिन देर से दायर हुई।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि याचिका 12 जून 2024 को दायर की गई। जबकि अधिकतम समय सीमा 5 जून 2024 तक ही थी। इस प्रकार याचिका वैधानिक समय सीमा से बाहर थी। सभी तथ्यों के आधार पर अदालत ने आवेदकों की देरी माफी की अर्जी को खारिज कर दिया । संवाद
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आवेदकों का कहना था कि उन्हें अवार्ड की जानकारी बाद में मिली और 5 फरवरी 2024 को ही इसकी हस्ताक्षरित प्रति प्राप्त हुई। उन्होंने देरी होने के संबंध में कारण भी प्रस्तुत किए। वहीं, एनएचएआई की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि आवेदकों को अवार्ड की जानकारी पहले से थी और याचिका निर्धारित समय सीमा से 39 दिन देर से दायर हुई।
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि याचिका 12 जून 2024 को दायर की गई। जबकि अधिकतम समय सीमा 5 जून 2024 तक ही थी। इस प्रकार याचिका वैधानिक समय सीमा से बाहर थी। सभी तथ्यों के आधार पर अदालत ने आवेदकों की देरी माफी की अर्जी को खारिज कर दिया । संवाद
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