करसोग (मंडी)। प्रदेश भर में अवैध रूप से रह रहे प्रवासी लोगों व शिमला और मंडी में उपजे मस्जिद विवाद के बाद शनिवार को देवभूमि संघर्ष समिति करसोग व स्थानीय व्यापार मंडल के आह्वान पर लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से करसोग में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान तहसीलदार के माध्यम से एसडीएम करसोग को ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन में करसोग बाजार के सभी व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के लोगों, मातृशक्ति सहित हिंदू समाज का सहयोग रहा।
प्रदर्शन में लोगों के अतिरिक्त पूर्व सैनिकों, अधिवक्ताओं, बारबर यूनियन, ऑटो यूनियन, हिंदू संगठनों के प्रमुख संत समाज से शिवगिरी महाराज सहित विभिन्न धार्मिक सामाजिक संगठनों का सहयोग रहा। देवभूमि संघर्ष समिति के संयोजक तिजेंद्र कुमार ने कहा कि क्षेत्र में दूसरे प्रदेशों से आने वाले प्रवासी मजदूर जो विशेष समुदाय से संबंध रखते हैं, वे यहां फेरी व काम करने की आड़ में नांज और गरियाला क्षेत्रों में स्थानीय गुर्जर समुदाय के भाइयों को बरगलाने का काम कर रहे हैं। संयोजक तिजेंद्र ने कहा कि प्रवासी लोगों का स्थानीय थानों व चौकियों में पंजीकरण नहीं है। जिनका पंजीकरण हुआ है उसके पहचान पत्रों में कई तरह की खामियां पाई गई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि बिना पंजीकरण रह रहे प्रवासी लोगों पर शीघ्र कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।