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Mandi News: तेज बुखार से मरीजों को बिना टेस्ट नहीं मिलेगा उपचार, मेडिकल वार्ड आरक्षित
Thu, 06 Nov 2025 05:57 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 06 Nov 2025 05:57 AM IST
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। तेज बुखार से संक्रमित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए मरीजों के टेस्ट लेना अनिवार्य कर दिए हैं। स्क्रब टाइफस और डेंगू जैसे लक्षण भी खून के परीक्षण में पाए जा रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों से घर पहुंचे लोगों में वायरल फीवर के बढ़ते कहर को देखते हुए नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में मरीजों के सेस्ट लेना जरूरी किया गया है।
बीते दिनों पहले डेंगू के संभावित लक्षणों से ग्रस्त मरीजों की पड़ताल होने के बाद स्क्रब टाइफस के मरीजों को भी विशेष रोगी वार्ड में दाखिल कर उपचार दिलाने की हिदायत दी गई है। उपमंडलीय अस्पताल में विशेष मेडिकल वार्ड आरक्षित कर उपचार दिलाने का निर्णय भी स्वास्थ्य विभाग ने लिया है। मरीजों में 104 डिग्री बुखार होने पर उनका टाइफाइड का टेस्ट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा डेंगू के संभावित लक्षणों को ध्यान में रखते हुए खून के सैंपल परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं।
उपमंडल के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल लडभड़ोल, जोगेंद्रनगर और सामुदायिक अस्पताल की ओपीडी की बात करें तो यहां पर प्रतिदिन पांच सौ से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 20 प्रतिशत से अधिक मरीजों में सर्दी, खांसी और तेज बुखार के लक्षण पाए जा रहे हैं। जोगिंद्रनगर अस्पताल की मैटर्न सोमा देवी ने बताया कि उपमंडलीय अस्पताल के सभी रोगी वार्डों में उपचाराधीन मरीजों को चिकित्सक परामर्श के अनुरूप उपचार दिया जा रहा है।
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तेज बुखार के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के मानकों और आदेशों के तहत स्वास्थ्य लाभ दिलाने के आदेश जारी कर रखे हैं। डेंगू और स्क्रब टाइफस के संभावित मरीजों के खून के टेस्ट भी लिए जा रहे हैं ताकि बेहतर स्वास्थ्य लाभ स्थानीय अस्पताल में मिल पाए।
-डॉ. दिपाली शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी जिला मंडी
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बीते दिनों पहले डेंगू के संभावित लक्षणों से ग्रस्त मरीजों की पड़ताल होने के बाद स्क्रब टाइफस के मरीजों को भी विशेष रोगी वार्ड में दाखिल कर उपचार दिलाने की हिदायत दी गई है। उपमंडलीय अस्पताल में विशेष मेडिकल वार्ड आरक्षित कर उपचार दिलाने का निर्णय भी स्वास्थ्य विभाग ने लिया है। मरीजों में 104 डिग्री बुखार होने पर उनका टाइफाइड का टेस्ट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा डेंगू के संभावित लक्षणों को ध्यान में रखते हुए खून के सैंपल परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं।
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उपमंडल के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल लडभड़ोल, जोगेंद्रनगर और सामुदायिक अस्पताल की ओपीडी की बात करें तो यहां पर प्रतिदिन पांच सौ से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 20 प्रतिशत से अधिक मरीजों में सर्दी, खांसी और तेज बुखार के लक्षण पाए जा रहे हैं। जोगिंद्रनगर अस्पताल की मैटर्न सोमा देवी ने बताया कि उपमंडलीय अस्पताल के सभी रोगी वार्डों में उपचाराधीन मरीजों को चिकित्सक परामर्श के अनुरूप उपचार दिया जा रहा है।
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तेज बुखार के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के मानकों और आदेशों के तहत स्वास्थ्य लाभ दिलाने के आदेश जारी कर रखे हैं। डेंगू और स्क्रब टाइफस के संभावित मरीजों के खून के टेस्ट भी लिए जा रहे हैं ताकि बेहतर स्वास्थ्य लाभ स्थानीय अस्पताल में मिल पाए।
-डॉ. दिपाली शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी जिला मंडी