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Mandi News: ऋण अदायगी न करने पर 2.26 लाख रुपये लौटाने के आदेश
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उधारकर्ता समेत दो गारंटरों को संयुक्त रूप से राशि चुकानी होगी
जोगिंद्रनगर की सिविल जज अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। एसबीआई चौंतड़ा शाखा से लिए गए ऋण की अदायगी न करने पर जोगिंद्रनगर सिविल जज अदालत ने उधारकर्ता और दो गारंटरों को 2,26,516 रुपये चुकाने का आदेश दिया है। अदालत ने इस राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और मुकदमे का खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं।
मामले में बैंक ने दवा त्सेरिंग, यांगा और शेराब डोल्मा के खिलाफ वसूली का मुकदमा दायर किया था। दवा त्सेरिंग ने 2011 में 2 लाख रुपये की कैश क्रेडिट सीमा ली थी, जिसमें दोनों गारंटर शामिल थे। भुगतान न होने पर खाता 2019 में एनपीए घोषित हुआ।
प्रतिवादियों के अदालत में उपस्थित न होने पर मामला एकतरफा चला और बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया गया।
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जोगिंद्रनगर की सिविल जज अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। एसबीआई चौंतड़ा शाखा से लिए गए ऋण की अदायगी न करने पर जोगिंद्रनगर सिविल जज अदालत ने उधारकर्ता और दो गारंटरों को 2,26,516 रुपये चुकाने का आदेश दिया है। अदालत ने इस राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और मुकदमे का खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं।
मामले में बैंक ने दवा त्सेरिंग, यांगा और शेराब डोल्मा के खिलाफ वसूली का मुकदमा दायर किया था। दवा त्सेरिंग ने 2011 में 2 लाख रुपये की कैश क्रेडिट सीमा ली थी, जिसमें दोनों गारंटर शामिल थे। भुगतान न होने पर खाता 2019 में एनपीए घोषित हुआ।
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प्रतिवादियों के अदालत में उपस्थित न होने पर मामला एकतरफा चला और बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया गया।