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Mandi News: सड़क हादसे के मामले में 1.95 लाख रुपये ब्याज समेत मुआवजा देने के आदेश

Fri, 26 Sep 2025 11:50 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Sep 2025 11:50 AM IST
सार

मंडी में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने सड़क दुर्घटना में घायल वीरेंद्र कुमार के परिजनों को 1.95 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। ट्रिब्यूनल ने मृत्यु और दुर्घटना के बीच कोई संबंध नहीं माना। बीमा कंपनी मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार होगी।

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Order to pay compensation of Rs 1.95 lakh along with interest in case of road accident

विस्तार

मंडी। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल-तीन ने सड़क दुर्घटना मामले में मुआवजा याचिका स्वीकार की है। ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को 1.95 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने याचिका दायर करने की तिथि से उसकी वसूली तक उक्त राशि पर 7.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता ने दो करोड़ रुपये मुआवजा की मांग की थी।
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मामले के तथ्यों के अनुसार 22 मई 2019 की सुबह लगभग 6:25 बजे पंच परमेश्वर और नांगली के बीच सोलन-चंडीगढ़ मार्ग पर हादसा हुआ था। एसबीआई शाखा प्रबंधक पद पर तैनात वीरेंद्र कुमार अपनी कार से चंडीगढ़ जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार टकरा गई। दुर्घटना के कारण वीरेंद्र कुमार को गंभीर चोटें आईं। उन्हें सोलन अस्पताल से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां उनका 22 से 27 मई 2019 तक इलाज चला। इस दौरान उनके पैर में रॉड और प्लास्टर लगाए गए। हालांकि लगभग एक साल बाद 22 मई 2020 को उनकी मृत्यु हो गई।
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ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रतिवादी ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की और दावा किया कि दुर्घटना वीरेंद्र कुमार की लापरवाही से हुई, लेकिन यह दावा अदालत में खारिज कर दिया गया। ट्रिब्यूनल ने माना कि दुर्घटना के समय हुई चोटों का उनके निधन से कोई संबंध नहीं था, लेकिन दुर्घटना के कारण हुई चोटों के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया। अदालत ने पाया कि मृत्यु कैंसर बीमारी के कारण हुई, जिसका दुर्घटना से कोई संबंध नहीं था। मुआवजा राशि पत्नी को 97,500 रुपये (50 प्रतिशत), बेटी को 48,750 रुपये (25 प्रतिशत), माता को 48,750 रुपये (25 प्रतिशत) दिया जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रतिवादी वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था और वाहन का बीमाकृत था। इसलिए बीमा कंपनी भी मुआवजे के भुगतान के लिए जिम्मेदार है।
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