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Mandi News: सड़क हादसे में घायल को सिर्फ 2500 रुपये मुआवजा देने के आदेश
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चालक और बाइक सवार दोनों को माना लापरवाह
एमएसीटी-3 मंडी का फैसला, बीमा कंपनी को दायित्व से किया मुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी)-3, मंडी ने सड़क हादसे में घायल संजीव की याचिका का निपटारा करते हुए 2,500 रुपये मुआवजा और 7.5% वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया है। अदालत ने पाया कि हादसा स्कूटी और बाइक चालक दोनों की साझा लापरवाही से हुआ, इसलिए इसे योगदानात्मक लापरवाही माना गया। याचिकाकर्ता ने 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। अदालत के अनुसार, घायल को केवल साधारण चोटें आई थीं और इलाज खर्च, आय या दिव्यांगता के दावे साबित नहीं हो सके। प्रारंभिक 5,000 रुपये मुआवजा तय किया गया था, जिसे 50% लापरवाही के आधार पर घटाकर 2,500 रुपये कर दिया गया।
स्कूटी चालक के पास वैध लाइसेंस साबित न होने पर बीमा कंपनी को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया और वाहन मालिक व चालक को संयुक्त रूप से भुगतान का आदेश दिया गया।
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एमएसीटी-3 मंडी का फैसला, बीमा कंपनी को दायित्व से किया मुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी)-3, मंडी ने सड़क हादसे में घायल संजीव की याचिका का निपटारा करते हुए 2,500 रुपये मुआवजा और 7.5% वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया है। अदालत ने पाया कि हादसा स्कूटी और बाइक चालक दोनों की साझा लापरवाही से हुआ, इसलिए इसे योगदानात्मक लापरवाही माना गया। याचिकाकर्ता ने 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। अदालत के अनुसार, घायल को केवल साधारण चोटें आई थीं और इलाज खर्च, आय या दिव्यांगता के दावे साबित नहीं हो सके। प्रारंभिक 5,000 रुपये मुआवजा तय किया गया था, जिसे 50% लापरवाही के आधार पर घटाकर 2,500 रुपये कर दिया गया।
स्कूटी चालक के पास वैध लाइसेंस साबित न होने पर बीमा कंपनी को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया और वाहन मालिक व चालक को संयुक्त रूप से भुगतान का आदेश दिया गया।
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