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नवीनीकरण और वित्तीय सहायता आवेदन के लिए एक साल की छूट : भूपेंद्र सिंह
Sun, 18 Aug 2024 07:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 18 Aug 2024 07:53 PM IST
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पंजीकरण में आई गिरावट सुधारने के को पंचायतों में शिविर लगाएगा श्रमिक कल्याण बोर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर/टिहरा (मंडी) । श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्य एवं सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मनरेगा मजदूरों के पंजीकरण, नवीनीकरण और वित्तीय सहायता के आवेदन हासिल करने की प्रक्रिया में आई बाधा खत्म हो गई है। पांच अगस्त को बोर्ड की बैठक में इसकी प्रक्रिया शनिवार से शुरू कर दी है।
इसमें जो मज़दूर अपना नवीनीकरण और सहायता के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। पिछले साल देय सहायता राशि के लिए आवेदन न कर पाने वाले मजदूरों को भी आवेदन के लिए अतिरिक्त समय दिया है। वहीं, पंजीकरण में आई गिरावट को सुधारने के लिए ग्राम पंचायतों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, लेकिन इनके आयोजन के बारे में नए नियम बनाए गए हैं और अब इनमें बोर्ड के कर्मचारियों के अतिरिक्त ग्राम पंचायतों, श्रम विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों और मज़दूर यूनियनों की भागीदारी अनिवार्य की गई है। बताया कि मज़दूर यूनियनों के सुझाव पर यह नई गाइडलाइन बनाई गई है। बोर्ड में पंचायतों और नगर निकायों में होने वाले सभी प्रकार के निर्माण कार्य को बोर्ड में पंजीकरण कराने के लिए मान्य किया गया है। उन्होंने बताया कि सितंबर में बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कवंर भी मंडी जिला का खंडवार दौरा शुरू करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर/टिहरा (मंडी) । श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्य एवं सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मनरेगा मजदूरों के पंजीकरण, नवीनीकरण और वित्तीय सहायता के आवेदन हासिल करने की प्रक्रिया में आई बाधा खत्म हो गई है। पांच अगस्त को बोर्ड की बैठक में इसकी प्रक्रिया शनिवार से शुरू कर दी है।
इसमें जो मज़दूर अपना नवीनीकरण और सहायता के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। पिछले साल देय सहायता राशि के लिए आवेदन न कर पाने वाले मजदूरों को भी आवेदन के लिए अतिरिक्त समय दिया है। वहीं, पंजीकरण में आई गिरावट को सुधारने के लिए ग्राम पंचायतों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, लेकिन इनके आयोजन के बारे में नए नियम बनाए गए हैं और अब इनमें बोर्ड के कर्मचारियों के अतिरिक्त ग्राम पंचायतों, श्रम विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों और मज़दूर यूनियनों की भागीदारी अनिवार्य की गई है। बताया कि मज़दूर यूनियनों के सुझाव पर यह नई गाइडलाइन बनाई गई है। बोर्ड में पंचायतों और नगर निकायों में होने वाले सभी प्रकार के निर्माण कार्य को बोर्ड में पंजीकरण कराने के लिए मान्य किया गया है। उन्होंने बताया कि सितंबर में बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कवंर भी मंडी जिला का खंडवार दौरा शुरू करेंगे।
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