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Mandi News: दस लाख से सुधरेगा जोगिंद्रनगर अस्पताल में विद्युत तंत्र
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के बिजली तंत्र में सुधार लाने के लिए दस लाख का बजट खर्च होगा। इससे बिजली के अघोषित कटों और करंट से रोगियों की परेशानी दूर होगी। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के ई-ब्लॉक बहुमंजिला भवन में बिजली की सेवाओं को सुचारु रखने के लिए एक अलग विद्युत पैनल स्थापित होगा। शनिवार को लोक निर्माण विभाग मंडी के इलेक्ट्रिकल विंग दल के साथ जोगिंद्रनगर बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के निरीक्षण कर यह निर्णय लिया।
एसडीएम मनीश चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर बिजली के करंट के झटकों की जानकारी हासिल की और अस्पताल के एसएमओ की मौजूदगी में नर्सिंग व कार्यालय स्टाफ से बैठक कर अस्पताल में पेश आ रही दिक्कतों पर चर्चा की। एसएमओ डॉ. अंकित ने एसडीएम को बताया कि ई-ब्लॉक में शॉर्ट सर्किट से शुक्रवार देर शाम बिजली के करंट के झटके महसूस होने पर बिजली की आपूर्ति रोकनी पड़ी। इस कारण अस्पताल के महिला, पुरुष और सर्जिकल वार्ड काफी समय तक अंधेरे में डूबे रहे। सीसीयू और डायलिसिस यूनिट की सेवाएं भी बिजली कटौती से प्रभावित रहीं।
इधर शनिवार को डायलिसिस यूनिट में किडनी मरीजों का उपचार शुरू हो पाया। सीसीयू यूनिट में गंभीर मरीजों के दाखिले शुरू होने पर तीमारदारों ने राहत की सांस ली। वहीं शिशु रोगी वार्ड में उपचाराधीन मरीजों को महिला और पुरुष रोगी वार्ड में पुनः शिफ्ट कर स्वास्थ्य लाभ दिलाया गया।
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स्थानीय और जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल में बिजली तंत्र को मजबूत करने के लिए अनुमानित दस लाख का बजट खर्च करने का निर्णय लिया गया है, ताकि रोगी वार्डों में शॉर्ट सर्किट और करंट की संभावनाओं को हमेशा के लिए दूर किया जा सके।
डॉ. अंकित, कार्यवाहक एसएमओ जोगिंद्रनगर अस्पताल
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एसडीएम मनीश चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर बिजली के करंट के झटकों की जानकारी हासिल की और अस्पताल के एसएमओ की मौजूदगी में नर्सिंग व कार्यालय स्टाफ से बैठक कर अस्पताल में पेश आ रही दिक्कतों पर चर्चा की। एसएमओ डॉ. अंकित ने एसडीएम को बताया कि ई-ब्लॉक में शॉर्ट सर्किट से शुक्रवार देर शाम बिजली के करंट के झटके महसूस होने पर बिजली की आपूर्ति रोकनी पड़ी। इस कारण अस्पताल के महिला, पुरुष और सर्जिकल वार्ड काफी समय तक अंधेरे में डूबे रहे। सीसीयू और डायलिसिस यूनिट की सेवाएं भी बिजली कटौती से प्रभावित रहीं।
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इधर शनिवार को डायलिसिस यूनिट में किडनी मरीजों का उपचार शुरू हो पाया। सीसीयू यूनिट में गंभीर मरीजों के दाखिले शुरू होने पर तीमारदारों ने राहत की सांस ली। वहीं शिशु रोगी वार्ड में उपचाराधीन मरीजों को महिला और पुरुष रोगी वार्ड में पुनः शिफ्ट कर स्वास्थ्य लाभ दिलाया गया।
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स्थानीय और जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल में बिजली तंत्र को मजबूत करने के लिए अनुमानित दस लाख का बजट खर्च करने का निर्णय लिया गया है, ताकि रोगी वार्डों में शॉर्ट सर्किट और करंट की संभावनाओं को हमेशा के लिए दूर किया जा सके।
डॉ. अंकित, कार्यवाहक एसएमओ जोगिंद्रनगर अस्पताल