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Mandi News: लोगों के सवालों का जवाब देते फंसे अधिकारी

Thu, 03 Apr 2025 11:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:30 PM IST
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Officials got stuck while answering people's questions
मंडी के संस्कृति सदन कांगणीधार में एफआरए पर आयोजित मंडल स्तरीय कार्यशाला में मौजूद अ​​धिकारी व 
मंडी। वन अधिकार अधिनियम, 2006 (एफआरए) के विभिन्न पहलुओं को लेकर वीरवार को आयोजित जागरूकता कार्यशाला में एसडीएम स्तर के कई अधिकारी लोगों के सवालों का जवाब देते समय फंसते नजर आए। अधिकारी मौके पर सवालों के जवाब नहीं दे पाए तो मंत्री ने खुद लोगों को जवाब लेकर संतुष्ट किया।
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कुल्लू के एक प्रतिनिधि ने कहा कि जंगल के पास घर की एफआरसी को लेकर मंडी और कुल्लू के एसडीएम के पास जाते हैं तो वह कहते हैं कि जो घर में रह रहे हैं, उनको डिपेंड मानते हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि अधिकारियों से ज्यादा शक्तियां ग्राम सभा के पास हैं। अगर 2005 से पहले तीन पीढि़यों से रह रहे हैं तो आपको ग्राम सभा में दो गवाह पेश करने होंगे।
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इसके बाद आवेदन के लिए योग्य हो जाएंगे। मंत्री ने अधिकारियों को साफ किया कि जिन अधिकारियों को एफआरसी संबंधी जिम्मेदारियां दी गई हैं, पटवारी और वन विभाग के गार्ड को भी जाना अनिवार्य किया है। यदि कोई नहीं जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने साफ किया कि ग्राम सभा के दौरान अगर कोई प्रतिनिधि लिखने में सक्षम नहीं है तो उस स्थिति में पटवारी कार्यवाही लिखेगा। उल्लंघन पर सचिव भी जुर्माने के दायरे में आ जाएंगे।
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अतिक्रमण नहीं आएगा इस कानून के दायरे में
बैठक में एक व्यक्ति ने मुद्दा रखा कि गांवों में सड़क किनारे जमीनों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। सड़कें खत्म हो रही है। प्रधान भी इसे मंजूरी दे रहे हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि यह कानून अतिक्रमण को लागू करने का नहीं है। एफआरए में सबसे ज्यादा शक्तियां ग्राम सभा के पास हैं। अगर कोई पंचायत गलत अनुमोदन करती है तो 60 दिन में एसडीएलसी में अपील कर सकते हैं।

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अधिकारी गलत भ्रांति न फैलाएं
मंत्री ने कहा कि कुछ अधिकारी जंगल के पास रहे रहे लोगों में भ्रांतियां फैला रहे हैं कि कुछ करेंगे तो आपके खिलाफ एक्शन हो जाएगा। मंत्री ने कहा कि एक्शन तो अधिकारियों पर होना चाहिए, जिन्होंने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। अगर मामला बनाते हैं तो आपके लिए फायदेमंद रहेगा कि आप उस भूमि पर काबिज हैं। लेकिन इसमें आप कब से रह रहे हैं, इसके लिए आप तहसील में जाएंगे। तहसीलदार लिखवाएगा कि आप कब से रह रहे हैं। इसके बाद ऑर्डर निकाल देंगे। डीएफओ को कलेक्टर की पावर दी है।
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