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Mandi News: गृहकर में छूट, निगम क्षेत्र से बाहर करने के लिए दर्ज करवाई आपत्ति
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मंडी। नगर निगम में गृहकर की नई दरों को लेकर सुझाव और आपत्तियां दर्ज करने की समयसीमा शनिवार को समाप्त हो जाएगी। नगर निगम कार्यालय के पास शुक्रवार तक 13 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतें दर्ज करवाने वालों में कुछ प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हैं। मर्ज वार्डों से अधिकतर शिकायतें निगम के दायरे से बाहर करने की है। अन्य वार्डों के लोगों ने भी निगम को गृहकर के निर्धारण, अदायगी में छूट आदि के सुझाव दिए हैं।
19 अक्तूबर को नगर निगम की मासिक बैठक में गृहकर के उपनियमों में संशोधन कर इसे पारित किया गया था। एक नवंबर से 30 नवंबर तक लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। नगर निगम को अस्तित्व में आए चार साल हो गए है। नगर परिषद के समय साल 2016 में गृहकर की नई दरें लागू की गई थीं लेकिन बीते आठ साल में नगर निगम में गृहकर की दरों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया गया है। नियमों के तहत पांच साल में इन दरों में संशोधन होना आवश्यक है। अब निगम ने गृहकर के उपनियमों में संशोधन की कवायद शुरू की है।
नगर निगम कार्यालय में पहुंची शिकायतों और सुझावों में मर्ज क्षेत्र के लोगों ने उनके क्षेत्र को निगम के दायरे से बाहर करने की मांग की है। कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि नगर निगम को गृहकर की समय पर एकमुश्त अदायगी सुनिश्चित करने के लिए 10 प्रतिशत छूट को दोबारा लागू करना चाहिए। इसे नगर निगम ने कुछ समय पहले बंद कर दिया है। मर्ज क्षेत्र के लोगों का तर्क है कि उनके वार्ड में सुविधाएं कम हैं। जब तक उनके वार्ड में सुविधाएं पूरी तरह मिलना शुरू नहीं होती हैं तब तक उन्हें गृहकर समेत अन्य शुल्क में रियायत देनी चाहिए। इसके अलावा गृहकर के लिए नगर निगम को दो जोन ए और बी के बजाय पहले की तरह चार जोन ए, बी, सी और डी जोन में ही रखा जाए।
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नगर निगम में गृहकर के उपनियमों को लेकर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। शनिवार को समय सीमा समाप्त हो जाएगी। इसके बाद लोगों के सुझाव और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।
-एचएस राणा, आयुक्त, नगर निगम मंडी
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19 अक्तूबर को नगर निगम की मासिक बैठक में गृहकर के उपनियमों में संशोधन कर इसे पारित किया गया था। एक नवंबर से 30 नवंबर तक लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। नगर निगम को अस्तित्व में आए चार साल हो गए है। नगर परिषद के समय साल 2016 में गृहकर की नई दरें लागू की गई थीं लेकिन बीते आठ साल में नगर निगम में गृहकर की दरों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया गया है। नियमों के तहत पांच साल में इन दरों में संशोधन होना आवश्यक है। अब निगम ने गृहकर के उपनियमों में संशोधन की कवायद शुरू की है।
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नगर निगम कार्यालय में पहुंची शिकायतों और सुझावों में मर्ज क्षेत्र के लोगों ने उनके क्षेत्र को निगम के दायरे से बाहर करने की मांग की है। कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि नगर निगम को गृहकर की समय पर एकमुश्त अदायगी सुनिश्चित करने के लिए 10 प्रतिशत छूट को दोबारा लागू करना चाहिए। इसे नगर निगम ने कुछ समय पहले बंद कर दिया है। मर्ज क्षेत्र के लोगों का तर्क है कि उनके वार्ड में सुविधाएं कम हैं। जब तक उनके वार्ड में सुविधाएं पूरी तरह मिलना शुरू नहीं होती हैं तब तक उन्हें गृहकर समेत अन्य शुल्क में रियायत देनी चाहिए। इसके अलावा गृहकर के लिए नगर निगम को दो जोन ए और बी के बजाय पहले की तरह चार जोन ए, बी, सी और डी जोन में ही रखा जाए।
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नगर निगम में गृहकर के उपनियमों को लेकर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। शनिवार को समय सीमा समाप्त हो जाएगी। इसके बाद लोगों के सुझाव और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।
-एचएस राणा, आयुक्त, नगर निगम मंडी
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