{"_id":"6ab17bf0f2bbdac082042ad5","slug":"conditional-bail-granted-to-woman-in-23-gram-chitta-case-mandi-news-c-90-1-ssml1045-214384-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: 23 ग्राम चिट्टा मामले में महिला को सशर्त जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: 23 ग्राम चिट्टा मामले में महिला को सशर्त जमानत
विज्ञापन
मंडी। 23 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में आरोपी 30 वर्षीय महिला को अदालत ने सशर्त जमानत दे दी है। विशेष न्यायाधीश सरकाघाट की अदालत ने माना कि बरामद चिट्टे की मात्रा वाणिज्यिक मात्रा नहीं है और आरोपी के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज होने का रिकॉर्ड नहीं है। अदालत ने दो लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने की शर्त पर जमानत मंजूर की।
पुलिस के अनुसार 13 अगस्त को गश्त के दौरान वाहन में सवार सह-आरोपी सतीश से 23 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। जांच के दौरान सतीश ने पुलिस को बताया कि वह चिट्टा सह-आरोपी मोहम्मद तसिब आलम उर्फ एमडी से खरीदता था और आरोपी महिला उसके खाते में रकम ट्रांसफर करती थी। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आरोपियों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन से इस तथ्य के पुष्ट होने का दावा किया।
महिला ने अदालत में दलील दी थी कि उसके दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी देखभाल के लिए घर में कोई अन्य व्यक्ति नहीं है। उसने यह भी कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और उसके खिलाफ कोई अन्य मामला लंबित नहीं है। अदालत ने कहा कि बरामद चिट्टा महिला के कब्जे से नहीं मिला था। साथ ही उसके कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने और मुकदमे में समय लगने की संभावना को देखते हुए अनिश्चित अवधि तक न्यायिक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार 13 अगस्त को गश्त के दौरान वाहन में सवार सह-आरोपी सतीश से 23 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। जांच के दौरान सतीश ने पुलिस को बताया कि वह चिट्टा सह-आरोपी मोहम्मद तसिब आलम उर्फ एमडी से खरीदता था और आरोपी महिला उसके खाते में रकम ट्रांसफर करती थी। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आरोपियों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन से इस तथ्य के पुष्ट होने का दावा किया।
विज्ञापन
महिला ने अदालत में दलील दी थी कि उसके दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी देखभाल के लिए घर में कोई अन्य व्यक्ति नहीं है। उसने यह भी कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और उसके खिलाफ कोई अन्य मामला लंबित नहीं है। अदालत ने कहा कि बरामद चिट्टा महिला के कब्जे से नहीं मिला था। साथ ही उसके कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने और मुकदमे में समय लगने की संभावना को देखते हुए अनिश्चित अवधि तक न्यायिक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा।
विज्ञापन