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अब हर विधायक के खिलाफ होगा प्रदर्शन
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मंडी में भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के राज्य अध्यक्ष वीआर कोंडल प्रेसवर्ता को संबोधित करते हुए।
- फोटो : Mandi
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मंडी। भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच ने भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू करने और चार गुना मुआवजा देने के वादे को सरकार से पूरा करने का आग्रह किया है। मंच के संयोजक जोगिंद्र वालिया ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा कि अगर सरकार 28 फरवरी तक प्रभावित किसानों की मांग पूरा नहीं करती है, तो सभी विधानसभा क्षेत्र में विधायकों के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की ओर से फोरलेन और रेलवे लाइन के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें भूमि अधिग्रहण कानून-2013 (पुनर्स्थापना, पुनर्वास और चार गुना मुआवजा) को सरकार लागू नहीं कर रही है। केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा, पुनर्वास और पुुनर्स्थापना लागू करने के लिए राजी है।
प्रदेश सरकार इसे लागू नहीं कर रही और कमेटी पर कमेटी बना कर फैसले को टाला जा रहा है। एक तीन सदस्यीय नई कमेटी का गठन किया है। इस मौके पर भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के अध्यक्ष बीआर कौंडल ने कहा कि प्रभावित किसानों का प्रतिनिधिमंडल राजस्व मंत्री से मिला था।
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इसमें भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू करवाने, चार गुना मुआवजा, 1 अप्रैल 2015 की अधिसूचना को निरस्त करने, पुनर्स्थापना के मुद्दे पर 30 जनवरी तक जिलास्तरीय बैठकें करने का वादा किया था लेकिन कोई बैठक नहीं हुई। इससे किसानों में भारी रोष है। सह संयोजक नरेश ने कहा कि मंच की मांग को जयराम सरकार शीघ्र पूरी करे। इस मौके पर प्रशांत मोहन, यशवंत गुलेरिया, हरी सिंह सैनी, योगेश कुमार और राज कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
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हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की ओर से फोरलेन और रेलवे लाइन के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें भूमि अधिग्रहण कानून-2013 (पुनर्स्थापना, पुनर्वास और चार गुना मुआवजा) को सरकार लागू नहीं कर रही है। केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा, पुनर्वास और पुुनर्स्थापना लागू करने के लिए राजी है।
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प्रदेश सरकार इसे लागू नहीं कर रही और कमेटी पर कमेटी बना कर फैसले को टाला जा रहा है। एक तीन सदस्यीय नई कमेटी का गठन किया है। इस मौके पर भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के अध्यक्ष बीआर कौंडल ने कहा कि प्रभावित किसानों का प्रतिनिधिमंडल राजस्व मंत्री से मिला था।
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इसमें भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू करवाने, चार गुना मुआवजा, 1 अप्रैल 2015 की अधिसूचना को निरस्त करने, पुनर्स्थापना के मुद्दे पर 30 जनवरी तक जिलास्तरीय बैठकें करने का वादा किया था लेकिन कोई बैठक नहीं हुई। इससे किसानों में भारी रोष है। सह संयोजक नरेश ने कहा कि मंच की मांग को जयराम सरकार शीघ्र पूरी करे। इस मौके पर प्रशांत मोहन, यशवंत गुलेरिया, हरी सिंह सैनी, योगेश कुमार और राज कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद