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Mandi News: क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में अब 100 रुपये देकर ले सकेंगे स्ट्रेचर और व्हीलचेयर
Wed, 14 Aug 2024 06:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 14 Aug 2024 06:36 AM IST
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जोनल अस्पताल मंडी में व्हीलचेयर लौटाने पहुंचे युद्धवीर सिंह। संवाद
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में मरीजों के तीमारदारों को अब स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के लिए भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत अस्पताल के गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी से मात्र 100 रुपये और पहचान पत्र जमा करवाने पर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर तुरंत उपलब्ध करवाई जाएगी। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर लौटाने पर राशि और पहचान पत्र वापस मिल जाएगा।
इस नई व्यवस्था को क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में फिलहाल ट्रायल के आधार पर शुरू किया गया है। अगर यह सफल रहती है तो इसे निरंतर जारी रखा जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि तीमारदारों को आसानी से यह सुविधाएं मिल सकें और उन्हें अपनी जिम्मेदारी का भी एहसास हो।
पहले मरीजों को अस्पताल में ले जाने के लिए तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था और कई बार उन्हें स्ट्रेचर या व्हीलचेयर समय पर नहीं मिल पाती थी। इस कारण उन्हें यहां-वहां भटकना पड़ता था। मगर अब नई व्यवस्था लागू होने से राहत की उम्मीद जताई जा रही है। अस्पताल के एमएस डॉ. धर्म सिंह वर्मा ने बताया कि यह सुविधा लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गई है। इसके सफल होने पर इसे स्थायी रूप से लागू किया जाएगा।
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यह व्यवस्था काबिले तारीफ है, क्योंकि इससे मरीजों को आसानी से ओपीडी, ओटी या वार्डों में ले जाने के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर मिल पाएगी। इसके साथ ही तीमारदारों को भी अपनी जिम्मेदारी का एहसास होगा।
-युद्धवीर सिंह, तल्याहड़
पहले हमें मरीज को डॉक्टर के पास पहुंचाने के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर तलाशनी पड़ती थीं। अब अस्पताल के गेट पर ही यह सुविधा मिल रही है। सामान लौटाने पर जमा राशि और पहचान पत्र तुरंत वापस मिल रहा है।
-मनोहर कुमार, कटौला
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इस नई व्यवस्था को क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में फिलहाल ट्रायल के आधार पर शुरू किया गया है। अगर यह सफल रहती है तो इसे निरंतर जारी रखा जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि तीमारदारों को आसानी से यह सुविधाएं मिल सकें और उन्हें अपनी जिम्मेदारी का भी एहसास हो।
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पहले मरीजों को अस्पताल में ले जाने के लिए तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था और कई बार उन्हें स्ट्रेचर या व्हीलचेयर समय पर नहीं मिल पाती थी। इस कारण उन्हें यहां-वहां भटकना पड़ता था। मगर अब नई व्यवस्था लागू होने से राहत की उम्मीद जताई जा रही है। अस्पताल के एमएस डॉ. धर्म सिंह वर्मा ने बताया कि यह सुविधा लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गई है। इसके सफल होने पर इसे स्थायी रूप से लागू किया जाएगा।
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यह व्यवस्था काबिले तारीफ है, क्योंकि इससे मरीजों को आसानी से ओपीडी, ओटी या वार्डों में ले जाने के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर मिल पाएगी। इसके साथ ही तीमारदारों को भी अपनी जिम्मेदारी का एहसास होगा।
-युद्धवीर सिंह, तल्याहड़
पहले हमें मरीज को डॉक्टर के पास पहुंचाने के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर तलाशनी पड़ती थीं। अब अस्पताल के गेट पर ही यह सुविधा मिल रही है। सामान लौटाने पर जमा राशि और पहचान पत्र तुरंत वापस मिल रहा है।
-मनोहर कुमार, कटौला

जोनल अस्पताल मंडी में व्हीलचेयर लौटाने पहुंचे युद्धवीर सिंह। संवाद