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कृषि के लिए नई तकनीक अपनाने की जरूरत : डॉ. डीके वत्सा
Thu, 21 Mar 2024 08:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 21 Mar 2024 08:03 AM IST
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सुंदरनगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक सलाहकार समिति के बैठक में उपस्थित कृषि वैज्ञान
सुंदरनगर (मंडी)। कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर में बुधवार को वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें सलाहकार समिति के सदस्यों के अलावा आमंत्रित प्रगतिशील किसान और केंद्र के वैज्ञानिक मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर हिमाचल प्रदेश के कुलपति डॉ. डीके वत्सा ने की।
कुलपति ने कहा कि जनसंख्या में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण प्रति व्यक्ति औसत जोत का आकार निरंतर कम होता जा रहा है। घटती कृषि जोत को लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। कृषि के समग्र विकास के लिए सभी विभागों में सामंजस्य बेहद जरूरी है। कृषि विकास से जुड़े सभी विभागों को किसान हित के लिए अपने-अपने कार्यक्रम एक-दूसरे से साझा करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को खेती में जोड़े रखने के लिए उन्होंने नई तकनीकों जैसे ड्रोन प्रौद्योगिकी, मशरूम उत्पादन, हाइड्रोपोनिक्स, वैल्यू एडिशन आदि को विशेष रूप से प्रचलित करने का आग्रह किया, ताकि आज का युवा खेती को व्यवसाय के तौर पर अपनाकर रोजगारन्मुख बन सके। इस मौके निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. नवीन कुमार, अनुसंधान केंद्र बजौरा के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. देवलश, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. पंकज सूद व अन्य मौजूद रहे।
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कुलपति ने कहा कि जनसंख्या में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण प्रति व्यक्ति औसत जोत का आकार निरंतर कम होता जा रहा है। घटती कृषि जोत को लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। कृषि के समग्र विकास के लिए सभी विभागों में सामंजस्य बेहद जरूरी है। कृषि विकास से जुड़े सभी विभागों को किसान हित के लिए अपने-अपने कार्यक्रम एक-दूसरे से साझा करने चाहिए।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को खेती में जोड़े रखने के लिए उन्होंने नई तकनीकों जैसे ड्रोन प्रौद्योगिकी, मशरूम उत्पादन, हाइड्रोपोनिक्स, वैल्यू एडिशन आदि को विशेष रूप से प्रचलित करने का आग्रह किया, ताकि आज का युवा खेती को व्यवसाय के तौर पर अपनाकर रोजगारन्मुख बन सके। इस मौके निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. नवीन कुमार, अनुसंधान केंद्र बजौरा के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. देवलश, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. पंकज सूद व अन्य मौजूद रहे।
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