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Mandi News: आग से निपटने के कुदरत ने ही कर दिए इंतजाम
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जोगेंद्रनगर (मंडी)। वन मंडल जोगिंद्रनगर के तहत आते जंगलों की आग से निपटने के लिए इस बार कुदरत ने ही इंतजाम कर दिए हैं। आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए बनाए गए जल सरोवर इस माह हो रही बारिश के पानी से भर गए हैं। ये सरोवर आग बुझाने में संजीवनी का काम करेंगे। वहीं, जंगलों में नमी के चलते आग की घटनाओं में भी कुछ विराम लगने की उम्मीद है। समूचे वनमंडल में दो सौ से अधिक जल सरोवर वन मंडल ने तैयार किए हैं। करीब 30 हजार लीटर की क्षमता वाले इन जल सरोवरों में पानी भर जाने से इस बार जंगलों में आग की घटनाएं भी कम हुई हैं। इससे पहले सूखे जैसे हालात के बीच आग की घटनाएं बढ़ गई थीं।
जोगिंद्रनगर वन मंडल के अधीन लगभग 26 हजार हेक्टेयर की 56 वन बीटों में से 45 आग की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इनकों आग से बचाने के लिए रेंज स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। वहीं, अब वन मंडल में बनाए गए करीब दो सौ से अधिक जल सरोवरों से आग की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
वनमंडल जोगिंद्रनगर के एसीएफ राजेश कुमार ने बताया कि बीते पांच सालों में आग की करीब तीन सौ बड़ी घटनाओं में करीब 1200 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंच चुका है। 2017 में आग की 38 घटनाओं में 128 हेक्टेयर, 2018 में 87 घटनाओं में 680 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा। 2019 की 84 घटनाओं में कुल 280 हेक्टेयर वन संपदा आग की भेंट चढ़ी। 2020 में ड्राई रन कम होने के चलते आग की महज चार घटनाओं में 46 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा। पिछले साल जंगल की आग के 40 से अधिक मामलों में तीन सौ हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा। जंगल की आग से बीते पांच सालों में वन विभाग को आठ से दस लाख रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा। इस साल अप्रैल में पांच आग की घटनाओं में करीब 20 हेक्टेयर वन संपदा प्रभावित हुई है।
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डीएफओ राजेश शर्मा ने कहा कि बहुमूल्य वन संपदा को आग की घटनाओं से सुरक्षित बचाने और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाने वाले वन रक्षकों और वन मंडल के अभियान को सफल बनाने वाले को वन विभाग सम्मानित करता है। जल सरोवरों में पानी भर जाने से जंगल की आग पर काबू पाना और भी आसान होगा।
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जोगिंद्रनगर वन मंडल के अधीन लगभग 26 हजार हेक्टेयर की 56 वन बीटों में से 45 आग की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इनकों आग से बचाने के लिए रेंज स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। वहीं, अब वन मंडल में बनाए गए करीब दो सौ से अधिक जल सरोवरों से आग की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
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वनमंडल जोगिंद्रनगर के एसीएफ राजेश कुमार ने बताया कि बीते पांच सालों में आग की करीब तीन सौ बड़ी घटनाओं में करीब 1200 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंच चुका है। 2017 में आग की 38 घटनाओं में 128 हेक्टेयर, 2018 में 87 घटनाओं में 680 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा। 2019 की 84 घटनाओं में कुल 280 हेक्टेयर वन संपदा आग की भेंट चढ़ी। 2020 में ड्राई रन कम होने के चलते आग की महज चार घटनाओं में 46 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा। पिछले साल जंगल की आग के 40 से अधिक मामलों में तीन सौ हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा। जंगल की आग से बीते पांच सालों में वन विभाग को आठ से दस लाख रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा। इस साल अप्रैल में पांच आग की घटनाओं में करीब 20 हेक्टेयर वन संपदा प्रभावित हुई है।
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डीएफओ राजेश शर्मा ने कहा कि बहुमूल्य वन संपदा को आग की घटनाओं से सुरक्षित बचाने और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाने वाले वन रक्षकों और वन मंडल के अभियान को सफल बनाने वाले को वन विभाग सम्मानित करता है। जल सरोवरों में पानी भर जाने से जंगल की आग पर काबू पाना और भी आसान होगा।