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Mandi News: सांसद कंगना रणौत ने पीएम मोदी को बताया आधुनिक भारत का शिल्पकार
Sat, 21 Sep 2024 05:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 21 Sep 2024 05:19 AM IST
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मंडी। छोटी काशी मंडी से सांसद कंगना रणौत ने पीएम नरेंद्र मोदी को आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया है। उन्हाेंने कहा कि पहले भारत की अर्थव्यवस्था लड़खड़ाती और चरमराती थी, लेकिन 10 सालों में पीएम नरेंद्र मोदी ने बड़ा बदलाव लाते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को शीर्ष स्थानों पर लाकर खड़ा दिया है।
कंगना पीएम विश्वकर्मा योजना की पहली वर्षगांठ पर आईटीआई मंडी में आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस दौरान प्रशिक्षण हासिल कर चुके लोगों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। कंगना रणौत ने कहा कि इसमें दो राय नहीं है कि भारत के भविष्य को पीएम नरेंद्र मोदी फिर लिख रहे हैं। शिल्पकार अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा होते हैं। इन्हें भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही मान्यता दी है।
उन्होंने कहा कि पूरे भारत वर्ष में इस तरह की शैलियों वाले भवन हैं, जिनका लोहा पूरी दुनिया मानता है। विशेषज्ञ भी इन भवनों को देखकर इन्हें इंसान के बजाए भगवान द्वारा निर्मित कही कहते हैं। कहा कि हिमाचल में कई कलाएं हैं। राजस्थान में भी हिमाचलियों से बना दरवाजा दिखता है। हिमाचल में काष्ठकुणी शैली के भवन भूकंप रोधी है। इस पर भी पूरी दुनिया शोध कर रही है।
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कंगना ने कहा कि शिल्पकारों ने त्रासदी सही है। मुगल और अंग्रेज कारीगरों के हाथ काट देते हैं, जबकि यह पारंपरिक विद्या परिवार दर परिवार चलती है। अब विलुप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि शिल्पकारों का जीवन आसान नहीं है। शिल्पकारों की पीड़ा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझा है, इसीलिए पीएम विश्वकर्मा योजना लाई गई है। इसके तहत प्रशिक्षण मिलता है। डिजिटलाइजेशन के माध्यम से प्रमोशन करना है। कंगना ने कहा कि कार्यक्रम में हिमाचली बोटी को भी इस योजना के तहत कवर करने का सुझाव मिला है। इसे संसद तक ले जाया जाएगा।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी अधिक, विद्यार्थी कम : इंदू गोस्वामी
राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी ने कहा कि कार्यक्रम में ज्यादातर विभागीय अधिकारी ही हैं। यहां विद्यार्थियों को होना चाहिए। उन्हें सुनना है। हम उनके लिए आए हैं। उन्हें यहां बिठाना चाहिए ताकि वह योजना के बारे में जाने और लाभ उठाएं। कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना से हुनरबाजों का हुनर बढ़ेगा। संस्कृति जीवंत होगी। कहा कि पूर्व की सरकारों ने शिल्पकारों के बारे नहीं सोचा। जबकि विदेश तक से यहां की शैली के घर देखने व यहां रहने के लिए लोग पहुंचते हैं। पीएम मोदी का लक्ष्य है कि परंपरागत हुनर को साथ लेकर कुशल बनाते हुए आधुनिकता का प्रयाेग किया जाए। कहा कि कुल्लू की खुड्डी में बनी साड़ी आज संसद से लेकर बाहर महिलाओं की पहली पंसद बनी है। कहा कि इस योजना से हिमाचल को बड़ा लाभ मिलने वाला है। क्योंकि यहां अलग-अलग तरह के शिल्पकारों की संख्या अधिक है।
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कंगना पीएम विश्वकर्मा योजना की पहली वर्षगांठ पर आईटीआई मंडी में आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस दौरान प्रशिक्षण हासिल कर चुके लोगों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। कंगना रणौत ने कहा कि इसमें दो राय नहीं है कि भारत के भविष्य को पीएम नरेंद्र मोदी फिर लिख रहे हैं। शिल्पकार अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा होते हैं। इन्हें भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही मान्यता दी है।
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उन्होंने कहा कि पूरे भारत वर्ष में इस तरह की शैलियों वाले भवन हैं, जिनका लोहा पूरी दुनिया मानता है। विशेषज्ञ भी इन भवनों को देखकर इन्हें इंसान के बजाए भगवान द्वारा निर्मित कही कहते हैं। कहा कि हिमाचल में कई कलाएं हैं। राजस्थान में भी हिमाचलियों से बना दरवाजा दिखता है। हिमाचल में काष्ठकुणी शैली के भवन भूकंप रोधी है। इस पर भी पूरी दुनिया शोध कर रही है।
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कंगना ने कहा कि शिल्पकारों ने त्रासदी सही है। मुगल और अंग्रेज कारीगरों के हाथ काट देते हैं, जबकि यह पारंपरिक विद्या परिवार दर परिवार चलती है। अब विलुप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि शिल्पकारों का जीवन आसान नहीं है। शिल्पकारों की पीड़ा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझा है, इसीलिए पीएम विश्वकर्मा योजना लाई गई है। इसके तहत प्रशिक्षण मिलता है। डिजिटलाइजेशन के माध्यम से प्रमोशन करना है। कंगना ने कहा कि कार्यक्रम में हिमाचली बोटी को भी इस योजना के तहत कवर करने का सुझाव मिला है। इसे संसद तक ले जाया जाएगा।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी अधिक, विद्यार्थी कम : इंदू गोस्वामी
राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी ने कहा कि कार्यक्रम में ज्यादातर विभागीय अधिकारी ही हैं। यहां विद्यार्थियों को होना चाहिए। उन्हें सुनना है। हम उनके लिए आए हैं। उन्हें यहां बिठाना चाहिए ताकि वह योजना के बारे में जाने और लाभ उठाएं। कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना से हुनरबाजों का हुनर बढ़ेगा। संस्कृति जीवंत होगी। कहा कि पूर्व की सरकारों ने शिल्पकारों के बारे नहीं सोचा। जबकि विदेश तक से यहां की शैली के घर देखने व यहां रहने के लिए लोग पहुंचते हैं। पीएम मोदी का लक्ष्य है कि परंपरागत हुनर को साथ लेकर कुशल बनाते हुए आधुनिकता का प्रयाेग किया जाए। कहा कि कुल्लू की खुड्डी में बनी साड़ी आज संसद से लेकर बाहर महिलाओं की पहली पंसद बनी है। कहा कि इस योजना से हिमाचल को बड़ा लाभ मिलने वाला है। क्योंकि यहां अलग-अलग तरह के शिल्पकारों की संख्या अधिक है।