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Mandi News: हारगुनैण, कस और गलू में दरक रहे पहाड़, भू-वैज्ञानिकों से सर्वेक्षण करवाने की मांग
Sun, 28 Jul 2024 07:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 28 Jul 2024 07:14 AM IST
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जोगिंद्रनगर के हारगुनैण पंचायत के डिगली व नागचला में दरकते पहाड़। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में भूस्खलन से पहाड़ दरक रहे हैं। एक बार फिर पंचायत प्रतिनिधियों ने गुहार लगाई है कि क्षेत्रका भू वैज्ञानिकों से सर्वेक्षण करवाया जाएगा। उपमंडल की हारगुनैण, कस और गलू पंचायत के नजदीकी पहाड़ों में आई दरारों से सहमे 100 से अधिक परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से भी गंभीरता दिखाने का आह्वान किया है।
बीते कई सालों से कस पंचायत के खरोण गांव की पांडो पहाड़ी, हारगुनैण पंचायत के डिगली और नागचला गांव में हो रहे भूस्खलन से दोनों ही पंचायतों की 200 से अधिक आबादी कोटरोपी जैसी भयावह हादसे की आशंका से दहशत में है। बीते साल खरोण गांव में हुए भूस्खलन से 10 घरों में कीचड़ और मलबा घुसने से करीब 35 लोग अभी भी खुले आसमान के नीचे टैंट लगाकर रात काटने को मजबूर हैं।
इसी पंचायत के डिगली गांव की सड़क भी भूस्खलन होने के कारण क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कस पंचायत प्रधान देवेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि पहाड़ों पर बादल फटने से चट्टानें दरक कर मैदानी क्षेत्रों में पहुंच रही है। खरोण गांव में भी एक पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिससे, समूची पंचायत में दहशत का माहौल है। भूस्खलन पर रोकने के लिए भू वैज्ञानिकों के सर्वेक्षण के लिए कोई भी कवायद शुरू न करना प्रशासन की बड़ी चूक है।
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हारगुनैण पंचायत के नागचला और डिगली में लगातार दरक रहे पहाड़ों पर भूस्खलन से पूर्व सैंसर लगवाने की मांग उप प्रधान सन्नी विष्ठ ने स्थानीय और जिला प्रशासन से की है, ताकि अचानक आने वाली प्राकृतिक आपदा से ग्रामीणों को सुरक्षित बचाया जा सके। पंचायत प्रधान कला देवी ने बताया कि बीते साल वींचकैंप के नजदीक बादल फटने से पंचायत को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है। इस साल भी पहाड़ी से भूस्खलन से पंचायत के कई सड़कें बाधित हैं।
उधर, एसडीएम जोगिंद्रनगर मनीश चौधरी ने कहा कि भूस्खलन से संभावित पहाड़ों का भू वैज्ञानिकों से सर्वेक्षण करवाने का मामला जिला प्रशासन के ध्यान में लाकर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बहरहाल जहां भी पहाड़ी दरकने से ग्रामीणों को जानी नुकसान की संभावना बनी थी, वहां से उन्हें सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया जा चुका है।
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बीते कई सालों से कस पंचायत के खरोण गांव की पांडो पहाड़ी, हारगुनैण पंचायत के डिगली और नागचला गांव में हो रहे भूस्खलन से दोनों ही पंचायतों की 200 से अधिक आबादी कोटरोपी जैसी भयावह हादसे की आशंका से दहशत में है। बीते साल खरोण गांव में हुए भूस्खलन से 10 घरों में कीचड़ और मलबा घुसने से करीब 35 लोग अभी भी खुले आसमान के नीचे टैंट लगाकर रात काटने को मजबूर हैं।
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इसी पंचायत के डिगली गांव की सड़क भी भूस्खलन होने के कारण क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कस पंचायत प्रधान देवेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि पहाड़ों पर बादल फटने से चट्टानें दरक कर मैदानी क्षेत्रों में पहुंच रही है। खरोण गांव में भी एक पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिससे, समूची पंचायत में दहशत का माहौल है। भूस्खलन पर रोकने के लिए भू वैज्ञानिकों के सर्वेक्षण के लिए कोई भी कवायद शुरू न करना प्रशासन की बड़ी चूक है।
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हारगुनैण पंचायत के नागचला और डिगली में लगातार दरक रहे पहाड़ों पर भूस्खलन से पूर्व सैंसर लगवाने की मांग उप प्रधान सन्नी विष्ठ ने स्थानीय और जिला प्रशासन से की है, ताकि अचानक आने वाली प्राकृतिक आपदा से ग्रामीणों को सुरक्षित बचाया जा सके। पंचायत प्रधान कला देवी ने बताया कि बीते साल वींचकैंप के नजदीक बादल फटने से पंचायत को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है। इस साल भी पहाड़ी से भूस्खलन से पंचायत के कई सड़कें बाधित हैं।
उधर, एसडीएम जोगिंद्रनगर मनीश चौधरी ने कहा कि भूस्खलन से संभावित पहाड़ों का भू वैज्ञानिकों से सर्वेक्षण करवाने का मामला जिला प्रशासन के ध्यान में लाकर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बहरहाल जहां भी पहाड़ी दरकने से ग्रामीणों को जानी नुकसान की संभावना बनी थी, वहां से उन्हें सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया जा चुका है।