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चरस तस्करी के दोषी को चार साल की कठोर कैद
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मंडी। चरस के साथ पकड़े जाने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने दोषी को चार साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर दोषी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। विशेष न्यायाधीश-1 की अदालत ने एनडीपीएस की धारा 20 के तहत अभियोग साबित होने पर जिला कांगड़ा की नूरपुर तहसील के बरंडा निवासी कप्तान सिंह को उक्त सजा सुनाई है।
जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि 28 नवंबर 2015 को शाम करीब सवा छह बजे सदर पुलिस थाना का दल आईटीआई मंडी गेट के पास तैनात था। इस दौरान एक व्यक्ति रेडक्रॉस मेला ग्राउंड की ओर से आईटीआई गेट की ओर पैदल आया। उक्त व्यक्ति ने अपने कंधे पर बैग उठा रखा था। पुलिस को देखकर वह भागने लगा। पुलिस ने उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया।
बैग की तलाशी लेने पर 403 ग्राम चरस बरामद हुई। मामले की तहकीकात एएसआई आनंद किशोर चंदेल ने की। पुलिस ने तहकीकात के बाद व्यक्ति के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से व्यक्ति के खिलाफ चरस बरामदगी का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने दोषी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। संवाद
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जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि 28 नवंबर 2015 को शाम करीब सवा छह बजे सदर पुलिस थाना का दल आईटीआई मंडी गेट के पास तैनात था। इस दौरान एक व्यक्ति रेडक्रॉस मेला ग्राउंड की ओर से आईटीआई गेट की ओर पैदल आया। उक्त व्यक्ति ने अपने कंधे पर बैग उठा रखा था। पुलिस को देखकर वह भागने लगा। पुलिस ने उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया।
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बैग की तलाशी लेने पर 403 ग्राम चरस बरामद हुई। मामले की तहकीकात एएसआई आनंद किशोर चंदेल ने की। पुलिस ने तहकीकात के बाद व्यक्ति के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से व्यक्ति के खिलाफ चरस बरामदगी का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने दोषी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। संवाद
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