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चरस तस्करी के दोषी को दस साल की कठोर कैद
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। चरस तस्करी का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक दोषी को दस साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरकाघाट जिया लाल आजाद की अदालत ने जोगिंद्रनगर सर्किट के दौरान एनडीपीएस की धारा 20 के तहत अभियोग साबित होने पर पधर तहसील के नारला (कुन्नू) निवासी रोशन लाल को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
उप जिला न्यायवादी राजीव शर्मा ने बताया कि जोगिंद्रनगर थाना प्रभारी संजीव कुमार की अगुवाई टीम ने 21 दिसंबर 2016 को राष्ट्रीय राजमार्ग पर हराबाग के पास नाका लगाया था। पधर की ओर से आ रही एक कार को चेकिंग के लिए रोका तो कार से 1.800 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर तहकीकात के बाद अदालत में अभियोग चलाया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 13 गवाहों के बयान कमलबद्ध करवाए थे।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से चरस बरामदगी का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। हालांकि अदालत ने इसी मामले में हिरासत में लिए गए एक अन्य आरोपी गुरदास चंद के खिलाफ अभियोग साबित न होने के कारण उसे बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरकाघाट जिया लाल आजाद की अदालत ने जोगिंद्रनगर सर्किट के दौरान एनडीपीएस की धारा 20 के तहत अभियोग साबित होने पर पधर तहसील के नारला (कुन्नू) निवासी रोशन लाल को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
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उप जिला न्यायवादी राजीव शर्मा ने बताया कि जोगिंद्रनगर थाना प्रभारी संजीव कुमार की अगुवाई टीम ने 21 दिसंबर 2016 को राष्ट्रीय राजमार्ग पर हराबाग के पास नाका लगाया था। पधर की ओर से आ रही एक कार को चेकिंग के लिए रोका तो कार से 1.800 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर तहकीकात के बाद अदालत में अभियोग चलाया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 13 गवाहों के बयान कमलबद्ध करवाए थे।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से चरस बरामदगी का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। हालांकि अदालत ने इसी मामले में हिरासत में लिए गए एक अन्य आरोपी गुरदास चंद के खिलाफ अभियोग साबित न होने के कारण उसे बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद