हिमाचल: जहां सांस लेना भी चुनौती, वहां मंडी की काजल ने फहराया तिरंगा; 18,370 फीट पर पहुंची एनसीसी कैडेट
वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी की एनसीसी एयर विंग कैडेट काजल ने उच्च हिमालय में साहस की मिसाल कायम की। उन्होंने 18,370 फीट ऊंची परंगला चोटी पर तिरंगा और एनसीसी ध्वज फहराया। काजल अखिल भारतीय अपराजिता-परंगला ट्रेक-2026 में हिमाचल से चयनित होने वाली इकलौती कैडेट थीं। करीब 250 किलोमीटर लंबे इस अभियान में देशभर की महिला एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लिया।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के मंडी की एनसीसी एयर विंग कैडेट काजल ने ऊंचे हिमालय में अदम्य साहस का परिचय देते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी की इस कैडेट ने 18,370 फीट ऊंची परंगला चोटी पर पहुंचकर तिरंगा और एनसीसी ध्वज फहराया। काजल अखिल भारतीय अपराजिता-परंगला ट्रेक-2026 के लिए हिमाचल प्रदेश से चयनित होने वाली इकलौती कैडेट थीं। इस उपलब्धि के बाद मंडी पहुंचने पर महाविद्यालय में उनका जोरदार स्वागत किया गया।
अपराजिता-परंगला ट्रेक अभियान 18 अगस्त से 25 सितंबर तक चला। इसमें देशभर से चयनित महिला एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लिया और करीब 250 किलोमीटर का उच्च हिमालयी ट्रेक पूरा किया। अभियान का नेतृत्व हिमाचल प्रदेश एयर स्क्वाड्रन एनसीसी, कुल्लू के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर कुणाल शर्मा ने किया, जबकि महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम पांडेय टीम लीडर रहीं। इस अभियान में कैडेट्स को ऊंचाई, कम ऑक्सीजन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। बर्फीले और पथरीले रास्तों के साथ-साथ माइनस तापमान और बदलते मौसम ने चुनौती को और कठिन बनाया।
अभियान के दौरान 17 सितंबर को बोंग्रोजन से आगे बढ़ते हुए दल ने 18,370 फीट की अधिकतम ऊंचाई पर स्थित परंगला चोटी को हासिल किया। यहां पहुंचकर काजल समेत दल के सदस्यों ने तिरंगा और एनसीसी ध्वज फहराया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि बेहद कम ऑक्सीजन और कठिन मौसम के बीच कैडेट्स ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को पूरा किया।
अभियान का फ्लैग ऑफ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली से किया था। सफलतापूर्वक अभियान पूरा करने के बाद पूरे दल का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में अभिनंदन किया और कैडेट्स के साहस की सराहना की। मंडी लौटने पर वल्लभ राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार और एनसीसी अधिकारियों ने काजल का स्वागत किया।
फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन लाल क्रांति सिंह ने काजल की उपलब्धि को ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के कैडेट्स लगातार साहसिक गतिविधियों में आगे बढ़ रहे हैं। काजल की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है, बल्कि उच्च हिमालय में चुनौतीपूर्ण अभियान के दौरान महिला कैडेट्स की भागीदारी और क्षमता को भी सामने लाती है।
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