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हिमाचल: मंडी में सड़क किनारे मिले एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन, कारोबारी ने अस्पताल को सौंपे; 2030 तक एक्सपायरी
Fri, 11 Sep 2026 10:27 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 11 Sep 2026 10:27 AM IST
सार
मंडी के मलोरी टनल के पास सड़क किनारे मिले एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन के तीन पैकेट स्थानीय कारोबारी रंगारंग सिंह ने जोनल अस्पताल मंडी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपे। पैकेटों पर मार्च 2030 तक की एक्सपायरी तिथि दर्ज है। सीएमओ डॉ. अशोक चौहान के अनुसार, बैच नंबर जिला के विभिन्न स्वास्थ्य खंडों को भेजी गई दवा आपूर्ति से मेल खाता है। अस्पताल प्रशासन दवाओं को सुरक्षित रखकर सर्पदंश के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल करेगा। पढ़ें पूरी खबर...
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मलोरी टनल के पास कारोबारी रंगारंग सिंह को एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन मिले।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
रास्ते में मिले जीवनरक्षक इंजेक्शनों को अस्पताल तक पहुंचाकर मंडी के एक कारोबारी ने ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है। शहर के रामनगर निवासी रंगारंग सिंह को करीब एक माह पहले मलोरी टनल के समीप सड़क किनारे एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन के तीन पैकेट गिरे हुए मिले थे। उन्होंने इन पैकेटों को सुरक्षित रख लिया था। वीरवार को अपनी व्यस्तता से समय निकालकर वह जोनल अस्पताल मंडी पहुंचे और इंजेक्शनों को सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंप दिया।
बस का इंतजार करते समय दिखे थे पैकेट
रंगारंग सिंह ने बताया कि वह बस का इंतजार करते हुए सड़क किनारे टहल रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क पर पड़े तीन डिब्बों पर गई। डिब्बों की जांच करने पर पता चला कि इनमें एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन हैं। उन्होंने इन्हें सुरक्षित रख लिया और बाद में अस्पताल प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया।
एंटी स्नेक वेनम का इस्तेमाल सांप के काटने के उपचार में किया जाता है। ऐसे में इंजेक्शनों का समय पर अस्पताल तक पहुंचना महत्वपूर्ण है। कारोबारी के अनुसार, सभी पैकेटों पर मार्च 2030 तक की एक्सपायरी तिथि दर्ज है।
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स्वास्थ्य विभाग की आपूर्ति से जुड़े होने का अंदेशा
मामले में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में दवाइयों की आपूर्ति के दौरान ये पैकेट किसी वाहन से गिर गए होंगे। हालांकि, दवाइयों के गिरने की वास्तविक वजह और यह घटना किस वाहन से जुड़ी है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
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बस का इंतजार करते समय दिखे थे पैकेट
रंगारंग सिंह ने बताया कि वह बस का इंतजार करते हुए सड़क किनारे टहल रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क पर पड़े तीन डिब्बों पर गई। डिब्बों की जांच करने पर पता चला कि इनमें एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन हैं। उन्होंने इन्हें सुरक्षित रख लिया और बाद में अस्पताल प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया।
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एंटी स्नेक वेनम का इस्तेमाल सांप के काटने के उपचार में किया जाता है। ऐसे में इंजेक्शनों का समय पर अस्पताल तक पहुंचना महत्वपूर्ण है। कारोबारी के अनुसार, सभी पैकेटों पर मार्च 2030 तक की एक्सपायरी तिथि दर्ज है।
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स्वास्थ्य विभाग की आपूर्ति से जुड़े होने का अंदेशा
मामले में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में दवाइयों की आपूर्ति के दौरान ये पैकेट किसी वाहन से गिर गए होंगे। हालांकि, दवाइयों के गिरने की वास्तविक वजह और यह घटना किस वाहन से जुड़ी है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बैच नंबर स्वास्थ्य खंडों को भेजी गई दवा से मिला
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौहान ने बताया कि डिब्बों पर अंकित बैच नंबर जिला के विभिन्न स्वास्थ्य खंडों को भेजी गई दवा आपूर्ति से मेल खाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा के गुम होने की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली थी। डॉ. चौहान के अनुसार, दवा की एक्सपायरी तिथि अभी बाकी है और पैकेट सुरक्षित हैं। अस्पताल प्रशासन इन इंजेक्शनों को संभालकर रखेगा तथा आने वाले दिनों में सर्पदंश के मरीजों के इलाज में इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
समय पर अस्पताल पहुंची जीवनरक्षक दवा
सांप के काटने की स्थिति में उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाले इन इंजेक्शनों को अस्पताल तक पहुंचाना मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। कारोबारी की पहल से दवा सुरक्षित हाथों में पहुंची है। हालांकि, दवाओं के भंडारण और इस्तेमाल से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं अस्पताल प्रशासन की देखरेख में ही पूरी की जाएंगी।
मामले ने स्वास्थ्य विभाग की दवा आपूर्ति व्यवस्था और दवाइयों की सुरक्षित ढुलाई पर भी ध्यान खींचा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने इंजेक्शनों को सुरक्षित रखकर जरूरत पड़ने पर उपयोग करने की बात कही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौहान ने बताया कि डिब्बों पर अंकित बैच नंबर जिला के विभिन्न स्वास्थ्य खंडों को भेजी गई दवा आपूर्ति से मेल खाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा के गुम होने की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली थी। डॉ. चौहान के अनुसार, दवा की एक्सपायरी तिथि अभी बाकी है और पैकेट सुरक्षित हैं। अस्पताल प्रशासन इन इंजेक्शनों को संभालकर रखेगा तथा आने वाले दिनों में सर्पदंश के मरीजों के इलाज में इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
समय पर अस्पताल पहुंची जीवनरक्षक दवा
सांप के काटने की स्थिति में उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाले इन इंजेक्शनों को अस्पताल तक पहुंचाना मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। कारोबारी की पहल से दवा सुरक्षित हाथों में पहुंची है। हालांकि, दवाओं के भंडारण और इस्तेमाल से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं अस्पताल प्रशासन की देखरेख में ही पूरी की जाएंगी।
मामले ने स्वास्थ्य विभाग की दवा आपूर्ति व्यवस्था और दवाइयों की सुरक्षित ढुलाई पर भी ध्यान खींचा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने इंजेक्शनों को सुरक्षित रखकर जरूरत पड़ने पर उपयोग करने की बात कही है।