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Mandi News: बेहतरीन लोकनृत्य पेश कर मांडव्य कला मंच रहा अव्वल
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मंडी। लोकनृत्य की बेहतरीन प्रस्तुति देकर मांडव्य कला मंच ने पहला स्थान हासिल किया। जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग मंडी ने मंगलवार को संस्कृति संदन कांगणीधार में जिला स्तरीय लोकनृत्य प्रतियोगिता करवाई। इसका शुभारंभ एसडीएम सदर ओमकांत ठाकुर ने किया।
समापन अवसर पर उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई दी। विजेता, उपविजेताओं को सम्मानित किया।
जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने बताया कि प्रतियोगिता में जिलेभर के 12 सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया। सभी दलों ने जिले की लोक संस्कृति पर आधारित नृत्य, वेशभूषा और गीतों को बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया। मांडव्य कला मंच मंडी के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा और पहनावे के साथ शानदार प्रस्तुति देकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। संगीत सदन मंडी के कलाकारों ने भी बेहतरीन प्रस्तुति दी। दल ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।
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कामाक्षा सांस्कृतिक दल करसोग के कलाकारों ने भी पहाड़ी सराज क्षेत्र के पहनावा के साथ पारंपरिक ठेठ लोकगीतों की धुन पर प्रस्तुति देकर तीसरा स्थान हासिल किया। भाषा अधिकारी ने बताया कि सभी विजेता सांस्कृतिक दलों का राज्य स्तर के लिए चयन किया गया। प्रतियोगिता जनवरी में शिमला में होगी। इस दौरान अपनी मशहूर रंगकर्मी कुलदीप गुलेरिया ने बेहतरीन मंच संचालन किया। निर्णायक मंडल में प्रो. दीपक गौतम, संगीत अध्यापिका चांदगी और मशहूर कत्थक नर्तक दिनेश गुप्ता मौजूद रहे।
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समापन अवसर पर उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई दी। विजेता, उपविजेताओं को सम्मानित किया।
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जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने बताया कि प्रतियोगिता में जिलेभर के 12 सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया। सभी दलों ने जिले की लोक संस्कृति पर आधारित नृत्य, वेशभूषा और गीतों को बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया। मांडव्य कला मंच मंडी के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा और पहनावे के साथ शानदार प्रस्तुति देकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। संगीत सदन मंडी के कलाकारों ने भी बेहतरीन प्रस्तुति दी। दल ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।
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कामाक्षा सांस्कृतिक दल करसोग के कलाकारों ने भी पहाड़ी सराज क्षेत्र के पहनावा के साथ पारंपरिक ठेठ लोकगीतों की धुन पर प्रस्तुति देकर तीसरा स्थान हासिल किया। भाषा अधिकारी ने बताया कि सभी विजेता सांस्कृतिक दलों का राज्य स्तर के लिए चयन किया गया। प्रतियोगिता जनवरी में शिमला में होगी। इस दौरान अपनी मशहूर रंगकर्मी कुलदीप गुलेरिया ने बेहतरीन मंच संचालन किया। निर्णायक मंडल में प्रो. दीपक गौतम, संगीत अध्यापिका चांदगी और मशहूर कत्थक नर्तक दिनेश गुप्ता मौजूद रहे।
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