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प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखकर बनाएं परियोजनाओं की डीपीआर : डीसी
Thu, 19 Sep 2024 08:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 19 Sep 2024 08:45 AM IST
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मंडी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) मंडी के समन्वय से आईआईटी मंडी में आपदा न्यूनीकरण के उद्देश्य से तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य बाढ़, भूकंप, और भूस्खलन जैसे प्रमुख खतरों से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करना है।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कार्यशाला की शुरुआत करते हुए कहा कि जिले में प्राप्त डीपीआर की गुणवत्ता और मानक में सुधार की आशा है। उन्होंने कहा, शिविर का लक्ष्य विभिन्न सरकारी एजेंसियों को गुणवत्तायुक्त डीपीआर तैयार करने में सहायता प्रदान करना है। आपदाओं से बचाव के लिए प्रभावी डीपीआर बनाना आवश्यक है, जिसमें जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आपदाओं के पहलू भी शामिल किए जाएं।
कार्यशाला के समन्वयक केवी उदय ने बताया कि इस शिविर में बाढ़, भूकंप, और भूस्खलन के खतरे से संबंधित डीपीआर तैयार की जाएगी। इसमें तकनीकी समझ में सुधार होगा और प्रतिभागियों को नई तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। शोध के लिए फील्ड डाटा प्रदान किया जाएगा और नई समस्याओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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शिविर में जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, वन संरक्षक, अग्निशमन विभाग सहित विभिन्न विभागों के 53 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
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उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कार्यशाला की शुरुआत करते हुए कहा कि जिले में प्राप्त डीपीआर की गुणवत्ता और मानक में सुधार की आशा है। उन्होंने कहा, शिविर का लक्ष्य विभिन्न सरकारी एजेंसियों को गुणवत्तायुक्त डीपीआर तैयार करने में सहायता प्रदान करना है। आपदाओं से बचाव के लिए प्रभावी डीपीआर बनाना आवश्यक है, जिसमें जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आपदाओं के पहलू भी शामिल किए जाएं।
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कार्यशाला के समन्वयक केवी उदय ने बताया कि इस शिविर में बाढ़, भूकंप, और भूस्खलन के खतरे से संबंधित डीपीआर तैयार की जाएगी। इसमें तकनीकी समझ में सुधार होगा और प्रतिभागियों को नई तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। शोध के लिए फील्ड डाटा प्रदान किया जाएगा और नई समस्याओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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शिविर में जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, वन संरक्षक, अग्निशमन विभाग सहित विभिन्न विभागों के 53 प्रतिभागियों ने भाग लिया।