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Mandi News: महंत राम मोहनदास रामायणी ने जान को खतरा बताकर मांगी पुलिस सुरक्षा
Sat, 24 Aug 2024 06:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 24 Aug 2024 06:42 AM IST
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महंत राम मोहनदास रामायणी। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष श्री श्री 1008 महंत राम मोहन दास रामायणी ने कहा कि जब से उन्होंने हिंदू समाज को जागृत करने का जिम्मा उठाया है, तबसे उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। बीते दिनों मंडी-पठानकोट एनएच पर लदरूहीं के समीप भी कुछ लोगों ने उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके बाद उन्होंने हिमाचल पुलिस के उच्चाधिकारियों को मेल भेज कर सुरक्षा की मांग की है।
शुक्रवार को प्रेसवार्ता में स्वामी राम मोहनदास रामायणी ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए चलाए गए अभियान के दौरान अगर उन्हें कुछ हुआ तो इसके लिए प्रदेश और देश के गृह मंत्री जिम्मेवार होंगे। जोगिंद्रनगर में पिछले कुछ समय से बिना पंजीकरण रह रहे बाहरी राज्यों के लोगों को पंजीकृत करवाने का अभियान चलाया गया है। उनकी इस पहल के बाद पुलिस थाना में काफी संख्या में प्रवासी लोगों ने पंजीकरण करवाया है।
महंत राम मोहनदास रामायणी ने कहा कि हिंदू समाज को जागृत करने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया है। सनातन धर्म की रक्षा के लिए संतों ने पहले भी अपनी जान की परवाह किए अपने दायित्वों को निभाया है। उन्होंने यह साफ करने को कहा कि अराजक तत्व कौन हैं। यह किसे कहा जा रहा है। क्योंकि उन्होंने धर्म का बीड़ा उठाया हुआ है और भविष्य में भी धर्म की रक्षा के लिए काम करते रहेंगे।
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शुक्रवार को प्रेसवार्ता में स्वामी राम मोहनदास रामायणी ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए चलाए गए अभियान के दौरान अगर उन्हें कुछ हुआ तो इसके लिए प्रदेश और देश के गृह मंत्री जिम्मेवार होंगे। जोगिंद्रनगर में पिछले कुछ समय से बिना पंजीकरण रह रहे बाहरी राज्यों के लोगों को पंजीकृत करवाने का अभियान चलाया गया है। उनकी इस पहल के बाद पुलिस थाना में काफी संख्या में प्रवासी लोगों ने पंजीकरण करवाया है।
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महंत राम मोहनदास रामायणी ने कहा कि हिंदू समाज को जागृत करने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया है। सनातन धर्म की रक्षा के लिए संतों ने पहले भी अपनी जान की परवाह किए अपने दायित्वों को निभाया है। उन्होंने यह साफ करने को कहा कि अराजक तत्व कौन हैं। यह किसे कहा जा रहा है। क्योंकि उन्होंने धर्म का बीड़ा उठाया हुआ है और भविष्य में भी धर्म की रक्षा के लिए काम करते रहेंगे।
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